अपशिष्ट जल से तांबा निकालने की तकनीक को भारत सरकार का पेटेंट

धनबाद के IT(ISM) की तकनीक को भारत सरकार का पेटेंट मिला है। यह तकनीक अपशिष्ट जल से कीमती तांबा निकालने से जुड़ी है।

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धनबाद के IT(ISM) की अपशिष्ट जल से तांबा निकालने वाली पेटेंट तकनीक

धनबाद के IT(ISM) से जुड़ी एक तकनीक को भारत सरकार का पेटेंट मिला है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह तकनीक अपशिष्ट जल से कीमती तांबा निकालने से संबंधित है। संस्थान के लिए यह उपलब्धि शोध और तकनीकी नवाचार के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि इस तकनीक का उद्देश्य अपशिष्ट जल में मौजूद तांबे जैसे उपयोगी धातु तत्व को अलग करना है। तांबा उद्योग, ऊर्जा, निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे कई क्षेत्रों में इस्तेमाल होने वाली धातु है, इसलिए अपशिष्ट जल से इसकी पुनर्प्राप्ति का विचार संसाधन बचत से भी जुड़ता है।

पेटेंट मिलना किसी तकनीक की मौलिकता और उपयोगिता की औपचारिक मान्यता माना जाता है। भारत सरकार की ओर से पेटेंट मिलने के बाद इस शोध को संस्थागत स्तर पर एक संरक्षित तकनीकी उपलब्धि के रूप में देखा जा सकता है।

धनबाद लंबे समय से खनन, ऊर्जा और तकनीकी शिक्षा से जुड़े संस्थानों के लिए पहचाना जाता है। ऐसे में अपशिष्ट जल और धातु पुनर्प्राप्ति जैसे विषय पर विकसित तकनीक स्थानीय शोध क्षमता को भी रेखांकित करती है।

फिलहाल उपलब्ध विवरण में तकनीक की प्रक्रिया, शोधकर्ताओं के नाम, लागत, परीक्षण परिणाम या व्यावसायिक उपयोग की समयसीमा नहीं दी गई है। इसलिए इन्हीं सीमित तथ्यों के आधार पर कहा जा सकता है कि IT(ISM) धनबाद की यह पेटेंट प्राप्त तकनीक अपशिष्ट जल प्रबंधन और धातु पुनर्प्राप्ति से जुड़ी एक उल्लेखनीय पहल है।