रांची के खेलगांव थाना क्षेत्र स्थित आईआईटी रांची में छात्र आदित्य की मौत के बाद शुरू हुआ विद्यार्थियों का आंदोलन मंगलवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। छात्र-छात्राएं हॉस्टल के बाहर तिरपाल लगाकर धरने पर बैठे हैं। उन्होंने सोमवार की रात भी धरनास्थल पर बिताई और मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक प्रदर्शन जारी रखने की बात कही है।
आंदोलनकारी विद्यार्थी संस्थान के निदेशक राजीव श्रीवास्तव के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनकी यह भी मांग है कि संस्थान के चेयरमैन धरनास्थल पर पहुंचकर विद्यार्थियों की समस्याएं सुनें और उनके समाधान के बारे में स्पष्ट आश्वासन दें। छात्रों का आरोप है कि आदित्य की मौत के बाद भी उनकी शिकायतों पर अपेक्षित गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया।
धरने पर बैठे विद्यार्थियों ने परिसर की आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि संस्थान में एंबुलेंस, ऑक्सीजन और दूसरी जरूरी चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता पर्याप्त नहीं है। छात्रों के अनुसार, संकट की स्थिति आने पर उन्हें कई व्यवस्थाएं स्वयं संभालनी पड़ती हैं।
प्रदर्शन के दौरान छात्रावास की सुरक्षा और सीसीटीवी निगरानी का मुद्दा भी उठाया गया। विद्यार्थियों ने इन व्यवस्थाओं को अपर्याप्त बताया है। उन्होंने खानपान की व्यवस्था पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि फीस देने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन सभी दावों पर संस्थान प्रबंधन का पक्ष उपलब्ध विवरण में सामने नहीं आया है।
विद्यार्थियों ने चेतावनी दी है कि सुनवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा। उन्होंने खेलगांव चौक जाम करने की बात भी कही है। फिलहाल छात्र हॉस्टल के बाहर डटे हुए हैं और प्रबंधन से जवाब तथा सुधार के लिए ठोस कदमों की मांग कर रहे हैं।
आदित्य बिहार के भागलपुर जिले के नवगछिया का निवासी था। उसकी मौत के बाद संस्थान की चिकित्सा सुविधा, छात्रावास प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था विद्यार्थियों के आंदोलन के केंद्र में आ गई है। उपलब्ध जानकारी में छात्र की मौत की परिस्थितियों या आंदोलन पर प्रबंधन की ओर से किसी निर्णय का उल्लेख नहीं है।