रांची विश्वविद्यालय की महिला कबड्डी टीम की ईस्ट जोन इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता में भागीदारी को लेकर अनिश्चितता बन गई है। चयनित खिलाड़ियों की सूची आयोजक विश्वविद्यालय को 29 सितंबर तक भेजी जानी थी, लेकिन निर्धारित समय तक विश्वविद्यालय और कॉलेज स्तर की चयन प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
विश्वविद्यालय की ओर से दो दिन पहले जारी खेल कैलेंडर में महिला कबड्डी का चयन ट्रायल 3 अक्टूबर को आरएलएसवाई कॉलेज में कराने की बात कही गई है। समयसीमा बीतने के बाद होने वाले इस ट्रायल से चुनी गई टीम की प्रविष्टि स्वीकार होगी या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। प्रतियोगिता गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ में आयोजित होनी है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, तय तारीख तक खिलाड़ियों के चयन के लिए आवश्यक प्रतियोगिता भी आयोजित नहीं की गई थी। मामले की पड़ताल करने वाले खिलाड़ियों को विश्वविद्यालय के स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड की बैठक नहीं होने की जानकारी मिली। अब ट्रायल पूरा होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन आयोजक संस्थान से टीम को प्रतियोगिता में शामिल करने का अनुरोध करेगा।
स्पोर्ट्स डायरेक्टर डॉ. एबी कुल्लू ने बताया कि ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी और आयोजक विश्वविद्यालय से बातचीत की गई है तथा रांची विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को शामिल करने का आग्रह किया गया है। उनके अनुसार, नए यूनिवर्सिटी एक्ट के तहत स्पोर्ट्स बोर्ड के गठन के कारण विश्वविद्यालय की प्रतियोगिता कराने में देरी हुई।
प्रतियोगिता की तैयारी कर रहीं पूजा कुमारी और रूमान कुमारी ने चयन में देरी से पैदा हुई अनिश्चितता और निराशा का उल्लेख किया है। दोनों करीब एक वर्ष से अभ्यास कर रही हैं। खिलाड़ियों के लिए यह प्रतियोगिता विश्वविद्यालय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर है, लेकिन विलंब के कारण उनकी भागीदारी आयोजक की स्वीकृति पर टिक गई है।
कबड्डी प्रशिक्षक हरीश कुमार ने मामले की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। फिलहाल विश्वविद्यालय के सामने पहले चयन ट्रायल पूरा करने और फिर विलंबित प्रविष्टि के लिए अनुमति हासिल करने की चुनौती है। यदि आयोजक विश्वविद्यालय ने देर से भेजी गई प्रविष्टि स्वीकार नहीं की, तो रांची विश्वविद्यालय की टीम प्रतियोगिता से बाहर रह सकती है।