कांके प्रखंड कार्यालय में एसआईआर और प्रमाणपत्र के काम के लिए बढ़ी भीड़, ग्रामीणों ने व्यवस्था सुधारने की मांग की

रांची के कांके प्रखंड कार्यालय में एसआईआर से जुड़े दस्तावेज सत्यापन और जाति, आवासीय व आय प्रमाणपत्र बनवाने पहुंचे ग्रामीणों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।

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कांके प्रखंड कार्यालय में दस्तावेज संबंधी काम के लिए पहुंचे ग्रामीण

रांची से सटे कांके प्रखंड कार्यालय में एसआईआर से जुड़े काम और विभिन्न प्रमाणपत्र बनवाने के लिए ग्रामीणों की भीड़ बढ़ गई है। दूर-दराज की पंचायतों से आए लोग बारिश के बीच सुबह से दस्तावेज सत्यापन और अन्य प्रक्रियाओं के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कार्यालय की व्यवस्था बेहतर करने की मांग उठाई है।

ग्रामीणों के अनुसार, एसआईआर नोटिस का जवाब देने की प्रक्रिया में पारिवारिक विवरण, वंशावली और दूसरे जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन कराना पड़ रहा है। इसके साथ ही बच्चों के नामांकन तथा अन्य कामों के लिए जाति, आवासीय और आय प्रमाणपत्र की जरूरत होने से कार्यालय पर दबाव बढ़ा है। लोगों का कहना है कि उन्हें इन कामों के लिए कई बार प्रखंड कार्यालय आना पड़ रहा है।

पिठोरिया निवासी रामेश्वर महतो ने बताया कि वह एसआईआर नोटिस से जुड़ी प्रक्रिया के लिए पिछले चार कार्यदिवस से कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। कदमा की संगीता देवी के मुताबिक, बच्चे के नामांकन के लिए जाति और आवासीय प्रमाणपत्र जरूरी हैं, लेकिन अधिक भीड़ के कारण काम कराने में परेशानी हो रही है।

कोल्हेया कनादू के सुरेश उरांव और सुकुरहुट्टू के अमित कुमार ने भी जनप्रतिनिधियों की उपलब्धता बढ़ाने की मांग की है। ग्रामीणों ने प्रखंड प्रमुख और उपप्रमुख अजय बैठा की कथित नियमित अनुपस्थिति पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि समस्याएं लेकर आने वाले लोगों को जनप्रतिनिधियों से मिलने में कठिनाई हो रही है। यह ग्रामीणों का आरोप है और उपलब्ध विवरण में संबंधित जनप्रतिनिधियों का पक्ष नहीं दिया गया है।

ग्रामीणों का मानना है कि एसआईआर से जुड़े काम के मौजूदा दबाव के दौरान जनप्रतिनिधियों की सक्रिय उपस्थिति से उनकी समस्याएं संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने में सहायता मिल सकती है। उन्होंने दस्तावेज सत्यापन और प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने की मांग की है, ताकि आवेदकों को बार-बार कार्यालय न आना पड़े।

कुछ ग्रामीणों और पंचायत समिति सदस्यों के अनुसार, वे व्यवस्था में सुधार के लिए रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री और कांके विधायक सुरेश बैठा को लिखित शिकायत देने की तैयारी कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा है कि समाधान नहीं होने पर वे आंदोलन कर सकते हैं। फिलहाल उनकी प्रमुख मांग कार्यालय में बेहतर प्रबंधन और जनप्रतिनिधियों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करना है।