दुमका के काठीकुंड थाना क्षेत्र में नौवीं कक्षा की छात्रा की हत्या की घटना के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने पीड़ित परिवार को तत्काल कानूनी सहायता और जरूरी सहयोग उपलब्ध कराने की पहल की है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार सुधांशु कुमार शशि ने समाचार पत्र में प्रकाशित खबर पर संज्ञान लेते हुए इस संबंध में निर्देश दिए।
निर्देश के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव विवेक कुमार ने पैरा लीगल वॉलंटियर्स की एक टीम गठित की। टीम को पीड़ित परिवार से संपर्क करने, उसकी परिस्थितियों और आवश्यकताओं को समझने तथा उपलब्ध विधिक सहायता के बारे में जानकारी देने के लिए भेजा गया।
टीम ने परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर उन्हें कानूनी अधिकारों और निःशुल्क विधिक सहायता की व्यवस्था से अवगत कराया। इसका उद्देश्य परिवार को कानूनी प्रक्रिया समझने में मदद देना और यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक या दूसरी कठिनाइयों के कारण वह न्याय पाने के प्रयास से वंचित न रहे।
मुलाकात के दौरान पीड़ित परिवार से आर्थिक मुआवजे और विधिक सहायता के लिए आवेदन भी प्राप्त किया गया। इन आवेदनों के आधार पर उपलब्ध प्रावधानों के तहत सहायता की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। प्राधिकार की ओर से किसी मुआवजा राशि या उसके भुगतान की समयसीमा की जानकारी नहीं दी गई है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने इस मामले में फिलहाल परिवार को मार्गदर्शन और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ा सहयोग उपलब्ध कराने पर ध्यान केंद्रित किया है। यह पहल हत्या की घटना की जांच या उसके परिणाम से अलग है। उपलब्ध विवरण में घटना से जुड़ी जांच, किसी गिरफ्तारी अथवा न्यायिक निष्कर्ष के बारे में कोई नई जानकारी नहीं दी गई है।