खूंटी के आरसी बालक मध्य विद्यालय के प्राचार्य फादर बेनेदिक्त बारला पर हुए हमले की जांच के लिए आठ पुलिस पदाधिकारियों की विशेष जांच टीम गठित की गई है। खूंटी के पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग ने टीम को जांच जल्द पूरी करने और घटना में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया है। पुलिस ने संभावित ठिकानों पर छापेमारी भी तेज कर दी है।
गठित एसआईटी में एएसपी अभियान क्रिस्टोफर केरकेट्टा और एसडीपीओ मंगल सिंह जामुदा के साथ खूंटी, मारंगहादा तथा मुरहू थानों के प्रभारी शामिल हैं। जांच दल घटना से जुड़े उपलब्ध साक्ष्यों को एकत्र कर रहा है। आरोपियों की पहचान और उनकी तलाश के लिए अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस जांच में डॉग स्क्वायड, तकनीकी माध्यमों और गोपनीय सूचनाओं की सहायता ली जा रही है। स्कूल परिसर तथा उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली गई है। उपलब्ध फुटेज में दो से तीन युवक दिखाई देने की बात सामने आई है, लेकिन उनकी पहचान अभी नहीं हो सकी है। पुलिस फुटेज के आधार पर संबंधित युवकों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, फादर बेनेदिक्त बारला पर मंगलवार रात स्कूल परिसर में हमला हुआ था। बुधवार सुबह वह परिसर में घायल अवस्था में मिले। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए रांची के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। हमले में कौन शामिल था और इसके पीछे क्या कारण था, इस बारे में जांच पूरी होने तक कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
अस्पताल में उपचार के दौरान फादर बारला की सेहत में लगातार सुधार बताया गया है। चिकित्सकों के मुताबिक वह अब खतरे से बाहर हैं तथा उनका रक्तचाप और शुगर स्तर सामान्य हो चुका है। आवश्यक जांच पूरी कर ली गई हैं। घावों की स्थिति का चिकित्सकीय आकलन करने के बाद आगे के उपचार के बारे में निर्णय लिया जाएगा।
एसआईटी के सामने फिलहाल घटनास्थल से मिले संकेतों को जोड़ने, सीसीटीवी में दिखे युवकों की पहचान करने और आरोपियों तक पहुंचने की जिम्मेदारी है। पुलिस की ओर से अभी किसी आरोपी की गिरफ्तारी या हमले के कारण की पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में मामले से जुड़े तथ्यों की अंतिम स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।