खेलो झारखंड में कबड्डी और खो-खो के मुकाबले संपन्न, रांची ने जीते तीन खिताब

अंडर-17 राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में रांची ने कबड्डी बालक वर्ग और खो-खो के दोनों वर्गों में पहला स्थान हासिल किया। कबड्डी बालिका वर्ग का खिताब गढ़वा ने जीता।

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रांची में आयोजित खेलो झारखंड की राज्य स्तरीय कबड्डी और खो-खो प्रतियोगिता

रांची में खेलो झारखंड 2026-27 के तहत आयोजित अंडर-17 बालक एवं बालिका वर्ग की राज्य स्तरीय कबड्डी और खो-खो प्रतियोगिता बुधवार को संपन्न हो गई। चारों स्पर्धाओं में रांची का प्रदर्शन सबसे प्रभावी रहा। जिले की टीमों ने तीन खिताब अपने नाम किए, जबकि कबड्डी के बालिका वर्ग में गढ़वा विजेता बना।

कबड्डी के मुकाबले खेलगांव स्थित हरिवंश टाना भगत इंडोर स्टेडियम में आयोजित किए गए। बालक वर्ग में रांची ने पहला स्थान प्राप्त किया। हजारीबाग की टीम उपविजेता रही और चतरा ने तीसरा स्थान हासिल किया। बालिका वर्ग में गढ़वा की टीम चैंपियन बनी, जबकि रांची दूसरे और चतरा तीसरे स्थान पर रहा।

खो-खो प्रतियोगिता अल्बर्ट एक्का स्टेडियम में हुई। इसके बालिका वर्ग में रांची ने खिताब जीता। हजारीबाग को दूसरा और रामगढ़ को तीसरा स्थान मिला। बालक वर्ग में भी रांची विजेता रहा। कोडरमा ने उपविजेता और देवघर ने तीसरा स्थान हासिल किया।

समापन समारोह में स्पेशल ब्रांच के डीआईजी नौशाद आलम ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से खिलाड़ियों को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया और प्रतिभागियों से निरंतर मेहनत करने को कहा।

राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी सह आयोजन सचिव धीरसेन ए. सोरेंग ने खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को आगामी प्रतियोगिताओं के लिए अपनी कमियों की पहचान कर बेहतर तैयारी करने की जरूरत बताई। उन्होंने पिछले चार वर्षों के एसजीएफआई राष्ट्रीय स्कूली खेलों में कबड्डी और खो-खो में पदक नहीं मिलने को आत्ममंथन का विषय बताया।

प्रतियोगिता में अलग-अलग वर्गों के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया। कबड्डी बालिका वर्ग में चांदनी कुमारी, आकांक्षा कुमारी और लक्ष्मी कुमारी तथा बालक वर्ग में रोहित कुमार, राहुल मुंडा और अभ्यास कुमार को पुरस्कार मिले। खो-खो बालिका वर्ग में कोमल कुमारी, पूर्वांशी कुमारी और रोशनी लकड़ा, जबकि बालक वर्ग में अमन कार्तिक राजोले, रोशन कुमार और नीलकंठ मंडल सम्मानित किए गए।