गढ़वा मुख्य पथ पर सड़क निर्माण के बीच पाइपलाइन का पेच, 19 लाख रुपये की व्यवस्था चुनौती

गढ़वा शहर के पश्चिमी हिस्से में पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए करीब 19 लाख रुपये का प्राक्कलन बना है। राशि नहीं मिलने पर नई सड़क को दोबारा खोदने की नौबत आ सकती है।

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गढ़वा शहर के मुख्य पथ पर चल रहा सड़क निर्माण और पाइपलाइन प्रस्तावित क्षेत्र

गढ़वा शहर के मुख्य पथ पर चल रहे सड़क निर्माण के बीच पेयजल पाइपलाइन का काम नई चुनौती बन गया है। गोविंद प्लस टू विद्यालय के मुख्य द्वार से मझिआंव मोड़ स्थित जोड़ा पुल तक पश्चिमी हिस्से में घरों को पानी का कनेक्शन देने वाली पाइपलाइन नहीं है। नगर परिषद ने इसके लिए करीब 19 लाख रुपये का प्राक्कलन तैयार किया है, लेकिन पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई है।

शहरी जलापूर्ति योजना के मूल प्राक्कलन में मुख्य पथ के पश्चिमी हिस्से की पाइपलाइन शामिल नहीं थी। सड़क के पूर्वी हिस्से में पाइप बिछाया गया है, जबकि पश्चिमी तरफ साढ़े तेरह इंच का मुख्य पाइप होने के बावजूद उससे सीधे घरों को कनेक्शन देने का प्रावधान नहीं है। घरेलू कनेक्शन के लिए पांच इंच का अलग पाइप बिछाना आवश्यक बताया गया है।

इसी मार्ग पर पलामू के शंखा से गढ़वा के खजूरी तक स्टेट हाइवे के तहत निर्माण चल रहा है। गोविंद प्लस टू विद्यालय के गेट से बीपी प्लाजा तक सड़क का कालीकरण भी हो चुका है। ऐसे में पाइपलाइन के लिए समय पर राशि नहीं मिली तो सड़क पूरी होने के बाद उसकी दोबारा खुदाई करनी पड़ सकती है। इससे खर्च बढ़ने और लोगों को परेशानी होने की आशंका जताई जा रही है।

मुख्य पथ पर पांच स्थानों से पाइप को पूर्वी हिस्से से पश्चिमी हिस्से तक पहुंचाने के लिए अनबद्ध योजना से करीब पांच लाख रुपये की व्यवस्था की गई है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल सड़क पार पाइप ले जाने से घरों तक जलापूर्ति सुनिश्चित नहीं होगी। इसके लिए पश्चिमी हिस्से में पर्याप्त दूरी तक अलग पाइपलाइन बिछानी होगी।

पाइपलाइन के साथ नाली निर्माण का प्रश्न भी लंबित है। गढ़देवी मंदिर के मुख्य द्वार के सामने से जोड़ा पुल तक पूर्वी तरफ करीब 400 मीटर हिस्से में नाली नहीं बनी है। लगभग तीन वर्ष पहले हुए नाली निर्माण और मौजूदा सड़क परियोजना, दोनों में यह हिस्सा छूटने की जानकारी दी गई है। बाद में नाली बनाने की स्थिति में भी सड़क प्रभावित हो सकती है।

वार्ड संख्या 10 के पार्षद दीपक कुमार ने करीब एक महीने पहले नगर परिषद अध्यक्ष और कार्यपालक पदाधिकारी को आवेदन देकर सड़क निर्माण के साथ पाइपलाइन बिछाने की मांग की थी। आवेदन में इस क्षेत्र के घरों तक नियमित पेयजल नहीं पहुंचने और बाद में खुदाई से सरकारी राशि तथा समय की बर्बादी होने की आशंका दर्ज कराई गई थी। अब योजना का क्रियान्वयन आवश्यक धनराशि की उपलब्धता पर निर्भर है।