गिरिडीह के बरगंडा में तांबा अयस्क का भंडार, सर्वे रिपोर्ट पर आगे की योजना बनेगी

एमईसीएल और झारखंड सरकार के सर्वे में बरगंडा क्षेत्र में करीब एक वर्ग किलोमीटर में उच्च कोटि के तांबा अयस्क का भंडार मिलने की बात सामने आई है।

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गिरिडीह के बरगंडा क्षेत्र में मिले तांबा अयस्क के भंडार की सांकेतिक तस्वीर

गिरिडीह जिले के बरगंडा क्षेत्र में उच्च कोटि के तांबा अयस्क का भंडार मिलने की बात सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, खनिज अन्वेषण से जुड़ी संस्था एमईसीएल और झारखंड सरकार के सर्वे में इस भंडार की पुष्टि की गई है। ताम्र अयस्क की खोज से संबंधित सर्वे का काम अब पूरा हो चुका है।

सर्वे के मुताबिक बरगंडा में करीब एक वर्ग किलोमीटर की परिधि में तांबा अयस्क का विस्तार है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में अयस्क की कुल मात्रा या उसके व्यावसायिक उत्पादन की संभावित क्षमता का कोई आंकड़ा नहीं दिया गया है। इसलिए खोज के वास्तविक आर्थिक आकार का आकलन विस्तृत अध्ययन के बाद ही स्पष्ट होगा।

झारखंड सरकार के भूतत्व निदेशक कुमार अमिताभ ने बताया कि सर्वे रिपोर्ट विभाग को मिल गई है। विभाग अब रिपोर्ट का विस्तार से अध्ययन करेगा। इसी समीक्षा के आधार पर आगे की कार्ययोजना तैयार करने तथा संभावित नीलामी या संचालन की प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा।

रिपोर्ट मिलने का अर्थ तत्काल खनन शुरू होना नहीं है। फिलहाल विभागीय स्तर पर सर्वे के निष्कर्षों और उपलब्ध भूगर्भीय जानकारी की समीक्षा अगला प्रमुख चरण है। इसके बाद ही यह तय हो सकेगा कि बरगंडा के तांबा भंडार को लेकर प्रक्रिया किस रूप में और किस क्रम में आगे बढ़ाई जाए।

वैश्विक स्तर पर तांबे की मांग और कीमतों में बढ़ोतरी के बीच गिरिडीह की यह खोज झारखंड के खनिज क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। परियोजना आगे बढ़ने पर राज्य के राजस्व और रोजगार के अवसरों से जुड़ी संभावनाएं बन सकती हैं, लेकिन इन पहलुओं पर अभी कोई निश्चित अनुमान या आधिकारिक संख्या उपलब्ध नहीं कराई गई है।

अब निगाहें सर्वे रिपोर्ट के विभागीय अध्ययन पर रहेंगी। प्रस्तावित कार्ययोजना, नीलामी और संचालन से संबंधित कोई ठोस निर्णय समीक्षा पूरी होने के बाद ही सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल पुष्टि बरगंडा क्षेत्र में ताम्र अयस्क की मौजूदगी और सर्वे पूरा होने तक सीमित है।