गुमला शहर के ऐतिहासिक टावर चौक, जिसे शहीद चौक के नाम से भी जाना जाता है, की स्थिति को लेकर फेडरेशन झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने चिंता जताई है। संगठन ने नगर परिषद और जिला प्रशासन से टावर का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराने तथा लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
चेंबर के दक्षिण छोटानागपुर क्षेत्रीय उपाध्यक्ष दामोदर कसेरा के अनुसार, टावर के कुछ हिस्से टूटकर गिर रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई कि समय रहते मरम्मत या सुरक्षा संबंधी व्यवस्था नहीं की गई तो वहां आने-जाने वाले लोगों और आसपास की संपत्ति को नुकसान पहुंच सकता है। यह आकलन चेंबर प्रतिनिधि की ओर से सामने रखा गया है।
टावर चौक शहर का व्यस्त स्थान है और यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। चौक के आसपास कई दुकानें भी संचालित हैं। इसी कारण संगठन ने संरचना की मौजूदा स्थिति को जनसुरक्षा से जुड़ा विषय बताते हुए शीघ्र प्रशासनिक पहल की जरूरत पर जोर दिया है।
कसेरा ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर प्रशासनिक अधिकारी भी इसी स्थल पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने पहुंचते हैं। ऐतिहासिक और सार्वजनिक महत्व वाले इस स्थान की स्थिति को देखते हुए चेंबर ने नियमित देखरेख और संरचनात्मक सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।
चेंबर प्रतिनिधि के मुताबिक, संगठन पहले नगर परिषद को ज्ञापन देकर और मौखिक रूप से भी समस्या की जानकारी दे चुका है। उनका कहना है कि इसके बाद भी अब तक कोई ठोस पहल दिखाई नहीं दी। हालांकि, संबंधित प्रशासनिक निकायों की प्रतिक्रिया उपलब्ध विवरण में शामिल नहीं है।
संगठन ने मांग की है कि विशेषज्ञों से जांच कराकर टावर की मजबूती का आकलन किया जाए। यदि तकनीकी जांच में संरचना असुरक्षित पाई जाती है, तो पुराने टावर को हटाकर उसकी जगह मजबूत नया टावर बनाने पर विचार किया जाए। चेंबर ने संभावित जोखिम को देखते हुए किसी अप्रिय घटना से पहले सुरक्षा उपाय लागू करने का आग्रह किया है।