धनबाद जिले के गोविंदपुर प्रखंड में संकुल और प्रखंड साधनसेवियों के लंबित भुगतान का मामला आगे बढ़ा है। झारखंड राज्य मध्याह्न भोजन प्राधिकरण ने जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई), धनबाद को प्रकरण की स्वयं जांच करने और भुगतान की कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। मामला वित्तीय वर्ष 2025-26 में रसोइया-सहायिकाओं के प्रशिक्षण पर खर्च की गई राशि से जुड़ा है।
उपलब्ध विवरण के अनुसार, प्राधिकरण की निदेशक समीरा एस ने डीएसई से 15 अक्टूबर तक जांच रिपोर्ट मांगी है। निर्देश में यह पता लगाने को कहा गया है कि संबंधित राशि जिलों को नवंबर 2025 में भेजे जाने के बावजूद गोविंदपुर के साधनसेवियों को भुगतान क्यों नहीं किया गया।
प्राधिकरण ने राशि का भुगतान प्रशिक्षण मद में आवंटित धन से करने को कहा है। भुगतान संबंधी कार्रवाई की जानकारी प्राधिकरण कार्यालय को देने का भी निर्देश है। इससे अब लंबित दावे की जिला स्तर पर जांच और उसके आधार पर भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद बनी है।
यह मामला सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो की पहल के बाद प्राधिकरण के समक्ष पहुंचा। जारी निर्देश में भुगतान की सूचना विधायक को भी देने को कहा गया है। हालांकि अंतिम भुगतान जांच और जिला स्तर पर की जाने वाली कार्रवाई पर निर्भर करेगा।
बीआरपी-सीआरपी संघ के अध्यक्ष अब्दुल सत्तार अंसारी तथा संघ से जुड़े अजहर हुसैन अंसारी और मनोज कुमार शर्मा ने इस पहल के लिए विधायक के प्रति आभार व्यक्त किया है। अब डीएसई की जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि भुगतान लंबित रहने की वजह क्या थी और पात्र साधनसेवियों को राशि कब तक मिल सकेगी।