चक्रधरपुर अदालत ने आर्म्स एक्ट में दो को तीन-तीन साल की सजा सुनाई, दो आरोपी बरी

बांदगांव थाना क्षेत्र से जुड़े मामले में अदालत ने दो आरोपियों को दोषी ठहराया। दो अन्य आरोपियों को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण सभी आरोपों से बरी कर दिया गया।

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चक्रधरपुर अदालत के आर्म्स एक्ट मामले में सुनाए गए फैसले की सांकेतिक तस्वीर

पश्चिमी सिंहभूम के बांदगांव थाना क्षेत्र से जुड़े आर्म्स एक्ट के एक मामले में एसीजेएम चक्रधरपुर की अदालत ने चार आरोपियों पर फैसला सुनाया है। अदालत ने बिरसा पान और सुखराम मुंडू को दोषी ठहराते हुए तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा दी, जबकि अनिल बरजो और गोपाल भेंगराज को साक्ष्य के अभाव में सभी आरोपों से बरी कर दिया।

अदालत ने बिरसा पान और सुखराम मुंडू को शस्त्र अधिनियम की धारा 25(1-बी)ए और धारा 35 के तहत दोषी पाया। दोनों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। फैसले के अनुसार, जुर्माना जमा नहीं करने की स्थिति में उन्हें अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

हालांकि, दोनों दोषियों को मामले में लगाई गई अन्य धाराओं के आरोपों से राहत मिली। अदालत ने उन्हें बीएनएस की धारा 303(2) और 317(2), शस्त्र अधिनियम की धारा 26(1) तथा सीएलए एक्ट की धारा 17 के तहत लगाए गए आरोपों से पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के आधार पर बरी कर दिया।

इसी मामले के आरोपी अनिल बरजो और गोपाल भेंगराज को अदालत ने सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। अभियोजन की ओर से उनके खिलाफ भी शस्त्र अधिनियम, बीएनएस और सीएलए एक्ट की विभिन्न धाराओं में आरोप लगाए गए थे। अदालत के मुताबिक, इन आरोपों के समर्थन में पर्याप्त और विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए जा सके।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान और कथित बरामदगी से संबंधित दस्तावेज अदालत के सामने रखे। दूसरी ओर, बचाव पक्ष ने आरोपों को निराधार बताया। दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद अदालत ने दो आरोपियों को दोषी तथा दो को बरी करने का निर्णय सुनाया।

फैसले के बाद दोषी ठहराए गए बिरसा पान और सुखराम मुंडू को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। वहीं, सभी आरोपों से बरी किए गए अनिल बरजो और गोपाल भेंगराज की रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई। मामला बांदगांव थाना क्षेत्र में दर्ज किया गया था और उसके बाद से चक्रधरपुर की अदालत में सुनवाई चल रही थी।