चतरा जिले में विधवा महिलाओं के पुनर्विवाह को प्रोत्साहित करने वाली झारखंड सरकार की योजना को पर्याप्त लाभुक नहीं मिल रहे हैं। योजना के लिए पिछले तीन वर्षों में प्राप्त राशि का उपयोग नहीं हो सका और आवंटन सरकार को लौटाना पड़ा। चालू वित्तीय वर्ष में भी अब तक केवल एक आवेदन मिलने की जानकारी सामने आई है।
योजना के तहत विधवा महिला के पुनर्विवाह पर दो लाख रुपये की सहायता देने का प्रावधान है। इसका उद्देश्य पुनर्विवाह के बाद महिला को आर्थिक सहारा देना और उसे सामान्य सामाजिक जीवन से दोबारा जुड़ने में मदद करना है। इसके बावजूद जिले में आवेदनों की संख्या निर्धारित लक्ष्य से कम बनी हुई है।
यह योजना वित्तीय वर्ष 2023-24 में शुरू हुई थी। शुरुआत में चतरा जिले को दो लाभुकों के लिए आवंटन मिला था। बाद में लक्ष्य बढ़ाकर चार लाभुक कर दिया गया। इसके अनुसार जिले को हर वर्ष आठ लाख रुपये का आवंटन मिलता रहा, लेकिन पात्र आवेदन नहीं मिलने के कारण पिछले तीन वर्षों की राशि वापस चली गई।
चालू वित्तीय वर्ष में जिले के लिए चार पुनर्विवाह का लक्ष्य तय है। जिला समाज कल्याण पदाधिकारी दिलीप कुमार के अनुसार कुछ आवेदन प्राप्त हुए हैं और उनका सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन पूरा होने के बाद योग्य लाभुकों को योजना का लाभ देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। विभाग का प्रयास है कि इस बार आवंटित राशि वापस न जाए।
सामाजिक कार्यकर्ता सविता बनर्जी ने कम आवेदनों के पीछे योजना की जानकारी का अभाव, आवेदन में मांगे जाने वाले प्रमाणपत्रों की कठिनाई और सामाजिक संकोच को संभावित कारण बताया है। उनके अनुसार प्रखंड और पंचायत स्तर तक पर्याप्त प्रचार नहीं पहुंचने से कई पात्र महिलाओं को योजना की पूरी जानकारी नहीं मिल पा रही है।
योजना की स्थिति से स्थानीय स्तर पर अधिक जागरूकता और आवेदन प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी की जरूरत सामने आती है। जिला समाज कल्याण विभाग प्रचार-प्रसार कर रहा है, लेकिन तय लक्ष्य पूरा करने के लिए पात्र महिलाओं तक योजना, आवश्यक दस्तावेजों और सत्यापन प्रक्रिया की जानकारी पहुंचाना महत्वपूर्ण होगा। अंतिम लाभ आवेदन की जांच और पात्रता की पुष्टि के बाद ही दिया जाएगा।