जमशेदपुर के बिंदल मॉल स्थित उडुपी रेस्टोरेंट में दिनदहाड़े हुई गोलीबारी को लेकर झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। 26 सितंबर की इस घटना में चार लोग घायल हुए थे। मामले की जांच के लिए पुलिस ने विशेष टीम गठित की है और हमलावरों की पहचान तथा गिरफ्तारी का प्रयास जारी है।
मरांडी ने घटना को राज्य की कानून-व्यवस्था के लिए चिंताजनक बताते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थान पर दिन में गोली चलने जैसी घटना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। हालांकि घटना से जुड़ी परिस्थितियों और हमलावरों के बारे में पुलिस जांच अभी पूरी नहीं हुई है।
नेता प्रतिपक्ष ने अपनी प्रतिक्रिया में पुलिस विभाग के शीर्ष पदों पर नियुक्तियों और वरिष्ठ अधिकारियों को दिए गए अतिरिक्त प्रभार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सेवानिवृत्त अधिकारियों को पुलिस महानिदेशक बनाने का क्रम नीरज सिन्हा के कार्यकाल से शुरू हुआ और आगे भी जारी रहा। इस क्रम में उन्होंने अनुराग गुप्ता और तदाशा मिश्रा की नियुक्तियों का उल्लेख किया।
मरांडी ने एडीजी मनोज कौशिक, मयूर पटेल और अन्य अधिकारियों को मिले अतिरिक्त दायित्वों पर भी सवाल किए। उन्होंने कुछ अधिकारियों पर पूर्व में लगे भ्रष्टाचार संबंधी आरोपों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की। ये आरोप नेता प्रतिपक्ष की ओर से लगाए गए हैं; इनके संबंध में किसी जांच के निष्कर्ष की जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।
उन्होंने कहा कि पुलिस पदस्थापन में राजनीतिक पसंद या वफादारी के बजाय योग्यता, ईमानदारी और जवाबदेही को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। मरांडी ने सीआईडी में कार्यरत वरिष्ठ अधिकारी अजय लिंडा और असीम विक्रांत मिंज की क्षमताओं का समुचित उपयोग नहीं किए जाने का प्रश्न भी उठाया और पुलिस प्रशासन में अधिक पारदर्शिता की जरूरत बताई।
इधर, जमशेदपुर गोलीबारी की जांच कर रही पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण कर रही है। विशेष टीम का ध्यान गोली चलाने वालों की पहचान कर उन्हें पकड़ने पर है। जांच पूरी होने तक घटना के कारणों या जिम्मेदार लोगों के बारे में अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।