गिरिडीह जिले के जमुआ प्रखंड स्थित इंदिरा गांधी उच्च विद्यालय परिसर में झारखंड आंदोलनकारियों की बैठक आयोजित की गई। इसमें संगठन को पंचायत से जिला स्तर तक मजबूत करने और आंदोलनकारियों से जुड़े मुद्दों को संगठित रूप से उठाने पर विचार-विमर्श हुआ। बैठक की अध्यक्षता झारखंड आंदोलन संघर्ष मोर्चा के जिलाध्यक्ष नारायण राणा ने की, जबकि संचालन प्रखंड संयोजक हरिहर तुरी ने किया।
बैठक में संगठन की मौजूदा स्थिति के साथ उसके कोष को सुदृढ़ बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित सदस्यों ने कहा कि मांगों को प्रभावी ढंग से सामने रखने के लिए स्थानीय स्तर पर संगठन का विस्तार और आपसी समन्वय जरूरी है। इसी क्रम में पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर की इकाइयों को अधिक सक्रिय बनाने पर जोर दिया गया।
आंदोलनकारियों ने झारखंड राज्य के निर्माण में अपनी भूमिका का उल्लेख करते हुए अपेक्षित मान-सम्मान नहीं मिलने की बात रखी। बैठक में मांग की गई कि सरकारी और सामाजिक व्यवस्था में आंदोलनकारियों को उचित स्थान दिया जाए। सदस्यों ने इन विषयों पर आगे भी सामूहिक रूप से पहल करने की आवश्यकता जताई।
सरकारी कार्यालयों में आंदोलनकारियों के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी बैठक में उठी। इसके अलावा सरकारी स्तर पर गठित सभी शांति समितियों में झारखंड आंदोलनकारियों की उपस्थिति अनिवार्य किए जाने का प्रस्ताव रखा गया। इन मांगों को संगठन के मंच से संबंधित स्तरों तक पहुंचाने पर सहमति बनी।
बैठक में जिला कार्यकारी अध्यक्ष लटु पांडेय के साथ मनोज कुमार पांडेय, रघुनाथ सिंह, नरेश राम, रीना देवी, सुलेमान अंसारी, रविन्द्र सिंह, पूरन किशोर तुरी और अन्य आंदोलनकारी शामिल हुए। आयोजन का मुख्य केंद्र संगठनात्मक मजबूती, सम्मान से जुड़े प्रश्न और सरकारी व्यवस्थाओं में आंदोलनकारियों के प्रतिनिधित्व की मांग रही।