झारखंड हाईकोर्ट ने जलस्रोतों के संरक्षण और रांची के बड़ा तालाब की सफाई से जुड़े मामलों में राज्य सरकार से विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने पक्षों को सुनने के बाद यह बताने को कहा कि अदालत के पहले के निर्देशों के अनुपालन में अब तक कौन-कौन से कदम उठाए गए हैं।
सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकार को अपनी कार्रवाई का पूरा विवरण रिपोर्ट के माध्यम से प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। मामले में नियुक्त एमिकस क्यूरी को भी अलग रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा गया है। इन रिपोर्टों के आधार पर अदालत जलस्रोतों के संरक्षण संबंधी प्रयासों और पहले जारी आदेशों के अनुपालन की स्थिति पर आगे विचार करेगी।
हाईकोर्ट जलस्रोतों के संरक्षण के व्यापक प्रश्न पर स्वतः संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका की सुनवाई कर रहा है। इसके साथ खुशबू कटारूका की ओर से बड़ा तालाब की साफ-सफाई को लेकर दायर जनहित याचिका भी जुड़ी है। अलग याचिका में राजीव कुमार सिंह ने कांके डैम, हटिया डैम और गेतलसूद डैम की जमीन पर अतिक्रमण का विषय उठाया है। अदालत इन सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई कर रही है।
कार्यवाही के दौरान एक हस्तक्षेपकर्ता ने कोतवाली थाना के पीछे स्थित पुरानी पानी टंकी हटाने के समय हुई दुर्घटना का मुद्दा भी रखा। अदालत को बताया गया कि टंकी हटाने के दौरान दबने से दो मजदूरों की मौत हुई थी। हस्तक्षेपकर्ता ने घटना को लापरवाही का नतीजा बताया।
फिलहाल अदालत ने दुर्घटना से संबंधित किसी जिम्मेदारी या आरोप पर अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। सरकार और अन्य संबंधित पक्षों की रिपोर्ट आने के बाद ही रिकॉर्ड पर मौजूद तथ्यों तथा की गई कार्रवाई की आगे समीक्षा होगी। इसलिए सुनवाई का मुख्य केंद्र अभी पूर्व निर्देशों के पालन और जलस्रोतों से जुड़े कार्यों का दस्तावेजी ब्योरा है।
खंडपीठ ने अगली सुनवाई के लिए 29 अक्टूबर की तारीख तय की है। तब राज्य सरकार की स्टेटस रिपोर्ट और एमिकस क्यूरी की रिपोर्ट अदालत के सामने आने की अपेक्षा है। संयुक्त सुनवाई में बड़ा तालाब की सफाई के साथ रांची के प्रमुख बांधों की जमीन से जुड़े अतिक्रमण के प्रश्न पर भी विचार जारी रहेगा।