झारखंड में जल जीवन मिशन की प्रगति वित्त वर्ष 2026-27 के शुरुआती छह महीनों में धीमी रही है। उपलब्ध जिलावार आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से सितंबर के बीच राज्य के 37,943 घरों तक नया नल कनेक्शन पहुंचाया गया। इसी अवधि में जिलों के प्रदर्शन में बड़ा अंतर भी सामने आया है।
योजना के तहत झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों के कुल 62.51 लाख घरों को नल से पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। रिपोर्ट में दर्ज आंकड़ों के मुताबिक अब तक 34.94 लाख घरों, यानी लगभग 55.89 प्रतिशत परिवारों, को कनेक्शन मिल सका है। देश में मिशन की औसत प्रगति 82.47 प्रतिशत बताई गई है।
चालू वित्त वर्ष के लिए केंद्रांश के रूप में 300 करोड़ रुपये मिलने और उसमें राज्यांश जोड़कर राशि खर्च करने का प्रावधान बताया गया है। इसके बावजूद पहली छमाही में जुड़े नए घरों की संख्या को देखते हुए योजना के क्रियान्वयन और मैदानी निगरानी की गति पर सवाल उठ रहे हैं।
जिलावार स्थिति में सिमडेगा सबसे पीछे रहा, जहां छह महीनों के दौरान एक भी नया नल कनेक्शन दर्ज नहीं हुआ। गोड्डा में केवल छह घरों तक नई जलापूर्ति पहुंचने की जानकारी है। कई अन्य जिलों में भी अलग-अलग महीनों के दौरान नए कनेक्शन की संख्या शून्य रही।
इसके विपरीत गिरिडीह ने इस अवधि में 7,580 नए कनेक्शन देकर सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। खूंटी में 4,163 और गुमला में 3,330 घरों को कनेक्शन मिलने का उल्लेख है। पश्चिमी सिंहभूम में यह संख्या 3,213 तथा हजारीबाग में 2,910 रही।
आंकड़े बताते हैं कि राज्य में लक्ष्य और उपलब्धि के बीच अभी बड़ा अंतर है। दूरदराज के ग्रामीण परिवारों तक नल से पेयजल पहुंचाने के लिए विभागीय निगरानी, मैदानी निरीक्षण और जिलों में लंबित कार्यों की समीक्षा की जरूरत सामने आती है। खासकर शून्य या बेहद कम प्रगति वाले जिलों की स्थिति पर ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।