जामताड़ा में तीन दिन से रुक-रुककर बारिश, नाला में 24 सितंबर को सर्वाधिक 66.4 मिमी वर्षा

जामताड़ा जिले में लगातार बारिश से गर्मी और उमस से राहत मिली है। खेतों में नमी बढ़ी है, लेकिन निचले इलाकों में जलजमाव और ग्रामीण सड़कों पर कीचड़ से परेशानी भी हो रही है।

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जामताड़ा जिले में बारिश के दौरान छाता लेकर चलते लोग

जामताड़ा जिले में पिछले तीन दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण मौसम बदल गया है। बुधवार से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। इससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है, हालांकि शहरों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक सामान्य जनजीवन पर भी असर पड़ा है।

वर्षापात के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 24 सितंबर को जिले के नाला प्रखंड में सबसे अधिक 66.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसी दिन करमाटांड़ में 57.8, फतेहपुर में 48.2, नारायणपुर में 40, कुंडहित में 38.6 और जामताड़ा प्रखंड में 38.4 मिलीमीटर वर्षा हुई।

बारिश का क्रम 25 सितंबर को भी बना रहा। इस दिन उपलब्ध रिपोर्ट में नाला में 26 मिलीमीटर और करमाटांड़ में 25.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज होने की जानकारी दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, जिले में 26 सितंबर तक बारिश का असर बने रहने के आसार हैं।

सितंबर में अब तक पूरे जिले का औसत वर्षापात 306.8 मिलीमीटर दर्ज किया गया है। प्रखंडवार आंकड़ों में जामताड़ा 381 मिलीमीटर के साथ सबसे आगे है। करमाटांड़ में 317.2, फतेहपुर में 306.8, नाला में 290, नारायणपुर में 275.4 और कुंडहित में 270.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई है।

लगातार पानी पड़ने से खेतों में नमी बढ़ी है और खरीफ फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद जताई गई है। दूसरी ओर, निचले क्षेत्रों में पानी जमा होने तथा ग्रामीण सड़कों पर कीचड़ फैलने से आवागमन प्रभावित हुआ है। ऐसे इलाकों में लोगों को दैनिक कामकाज के लिए निकलने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

जिले के सभी प्रखंडों में पिछले दो दिनों के दौरान बारिश दर्ज की गई है। अलग-अलग क्षेत्रों में वर्षा की मात्रा में अंतर रहा, लेकिन व्यापक बारिश ने पूरे जिले के मौसम को प्रभावित किया है। बारिश जारी रहने की संभावना के बीच निचले इलाकों और कच्ची ग्रामीण सड़कों की स्थिति स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।