जामताड़ा में फर्जी एपीके से साइबर ठगी का आरोप, चार गिरफ्तार; नकदी और मोबाइल बरामद

जामताड़ा पुलिस ने करमाटांड़ और जामताड़ा थाना क्षेत्रों में छापेमारी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह फर्जी एपीके फाइल भेजकर मोबाइल की गोपनीय जानकारी हासिल करता था।

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जामताड़ा में साइबर ठगी के आरोप में चार लोगों की गिरफ्तारी से संबंधित खबर

जामताड़ा पुलिस ने फर्जी एपीके फाइल के जरिये साइबर ठगी करने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र के दुधानी और जामताड़ा थाना क्षेत्र के सोनबाद में छापेमारी के बाद यह कार्रवाई की। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों के पास से नकदी, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, एटीएम कार्ड और एक चेकबुक बरामद हुई है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार लोगों की पहचान विकास मंडल, देव दत्त, जयदेव साहनी और सिद्धार्थ दत्त के रूप में हुई है। उनके पास से 13 मोबाइल फोन, 13 सिम कार्ड और आठ एटीएम कार्ड मिले। पुलिस ने विकास मंडल के पास से 2.20 लाख रुपये नकद मिलने की भी जानकारी दी है।

एसपी शंभू कुमार सिंह को मिली सूचना के आधार पर साइबर डीएसपी अमित कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। इसी टीम ने दोनों थाना क्षेत्रों में छापेमारी की। पुलिस का कहना है कि मनीष कुमार मंडल के घर की तलाशी में भी साइबर अपराध से जुड़े साक्ष्य और नकदी मिली है। उसकी तथा अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।

प्रारंभिक पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपी गैस बिल अपडेट कराने के नाम पर लोगों को कथित रूप से फर्जी एपीके फाइल भेजते थे। हरियाणा सिटी गैस और अडानी गैस के ग्राहकों को निशाना बनाए जाने की बात भी पुलिस ने कही है। फाइल इंस्टॉल होने के बाद मोबाइल में मौजूद गोपनीय जानकारी हासिल कर ठगी किए जाने का आरोप है।

पुलिस ने बताया कि इसी तरीके से बैंक ग्राहकों को भी एपीके फाइल डाउनलोड कराने का प्रयास किया जाता था। जांच एजेंसी अब आरोपियों के बैंक खातों, कथित नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस का दावा है कि गिरोह की गतिविधियां कई राज्यों तक फैली हो सकती हैं; इस दावे की विस्तृत जांच अभी चल रही है।

मामले में साइबर थाना कांड संख्या 59/26 दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। गिरफ्तारी और बरामदगी के बाद भी जांच जारी है तथा आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में होगा।