जेएलकेएम ने राज्यपाल को सौंपा छह सूत्री ज्ञापन, बहरागोड़ा-धालभूमगढ़ की समस्याओं पर कार्रवाई की मांग

जेएलकेएम के प्रतिनिधिमंडल ने नदी कटाव, खनन, प्रदूषण और सिलिका धूल से जुड़े मुद्दों पर जांच तथा प्रभावित परिवारों के लिए राहत की मांग रखी।

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राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार को छह सूत्री ज्ञापन सौंपता जेएलकेएम प्रतिनिधिमंडल

रांची में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के कोल्हान प्रमंडल के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार को छह सूत्री ज्ञापन सौंपा। इसमें पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा और धालभूमगढ़ प्रखंडों की विभिन्न समस्याओं का उल्लेख करते हुए कार्रवाई की मांग की गई है। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संगठन के कोल्हान प्रमंडल उपाध्यक्ष कलन महतो और रविंदर कुमार महतो ने किया।

ज्ञापन में सुवर्णरेखा नदी के कटाव से प्रभावित किसानों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। संगठन ने प्रभावित किसानों के लिए मुआवजा और पुनर्वास पैकेज की व्यवस्था करने के साथ नदी के किनारे तटबंध बनवाने की मांग रखी।

प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र में कथित अवैध खनन, क्रशर संचालन और ब्लास्टिंग पर रोक लगाने की मांग भी की। मुड़ादेवता स्थित शारदा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड की पर्यावरणीय स्वीकृति और अपशिष्ट निस्तारण की जांच कराने का आग्रह किया गया। ये सभी दावे और मांगें संगठन की ओर से सौंपे गए ज्ञापन पर आधारित हैं।

जेएलकेएम नेताओं ने उल्दा स्थित ग्लोबस स्पिरिट्स लिमिटेड को लेकर प्रदूषण और वन भूमि पर अतिक्रमण के आरोपों की जांच की मांग की। कदमबेड़ा स्थित गजानन फेरो प्राइवेट लिमिटेड से होने वाले कथित प्रदूषण तथा तेज आवाज वाले साइरन के इस्तेमाल पर रोक लगाने का विषय भी ज्ञापन में शामिल किया गया।

इसके अलावा बेतझरिया स्थित खेतान एंटरप्राइजेस और धालभूमगढ़ के जोरेसोल स्थित कृष्णा एंड कृष्णा उद्योग से जुड़े सिलिका धूल प्रदूषण का मुद्दा उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने सिलिकोसिस से प्रभावित बताए गए क्षेत्रों में चिकित्सा शिविर लगाने तथा मरीजों की पहचान और स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था करने की मांग की।

संगठन ने सिलिकोसिस पीड़ितों और मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजा तथा आश्रितों को रोजगार देने की मांग भी राज्यपाल के समक्ष रखी। जेएलकेएम नेताओं का कहना है कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में पार्टी आंदोलन करेगी। ज्ञापन में लगाए गए आरोपों पर संबंधित प्रतिष्ठानों या प्रशासन का पक्ष उपलब्ध विवरण में नहीं दिया गया है।