जेटेट 2026 के लिए पूर्वी सिंहभूम में 93 केंद्र, एक नवंबर को दो पालियों में परीक्षा

पूर्वी सिंहभूम में जेटेट 2026 की तैयारी तेज हो गई है। जिले के 93 केंद्रों पर 39,060 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे और प्रवेश के लिए मूल पहचान पत्र जरूरी होगा।

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जेटेट 2026 परीक्षा की तैयारी से जुड़ी प्रतीकात्मक तस्वीर

झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) 2026 का आयोजन एक नवंबर को किया जाएगा। पूर्वी सिंहभूम जिले में 39,060 अभ्यर्थियों के लिए 93 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। करीब एक दशक बाद हो रही परीक्षा को कदाचारमुक्त और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए शिक्षा विभाग तथा झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

परीक्षा दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित है, जिसमें कक्षा छह से आठ के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी शामिल होंगे। दूसरी पाली दोपहर दो बजे से शाम 4:30 बजे तक चलेगी और इसमें कक्षा एक से पांच के अभ्यर्थी परीक्षा देंगे।

अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम दो घंटे पहले अपने केंद्र पर पहुंचने का निर्देश दिया गया है। परीक्षा आरंभ होने के 30 मिनट बाद केंद्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा और इसके बाद प्रवेश नहीं मिलेगा। ऐसे में केंद्र की दूरी और वहां तक पहुंचने में लगने वाले समय का पहले से आकलन करना जरूरी होगा।

परीक्षा के प्रवेश पत्र जारी कर दिए गए हैं। अभ्यर्थियों को इन्हें जैक की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर प्रिंट निकालना होगा, क्योंकि प्रवेश पत्र डाक या किसी अन्य माध्यम से नहीं भेजा जाएगा। केंद्र पर प्रवेश पत्र के साथ आधार कार्ड अथवा कोई अन्य मूल पहचान पत्र रखना अनिवार्य है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भीतर ले जाने की अनुमति नहीं होगी।

दृष्टिबाधित और सेरेब्रल पाल्सी से प्रभावित पात्र अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित शर्तों के तहत श्रुतलेखक की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके लिए जरूरी प्रमाणपत्र और दस्तावेज जमा करने होंगे। निगरानी के लिए सीसीटीवी सुविधा वाले स्कूलों और कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाने में प्राथमिकता दी गई है। केंद्रों पर पुलिस बल की तैनाती के साथ उड़न दस्ते और पर्यवेक्षक दल भी बनाए जाएंगे।

जिलों के उपायुक्तों को 29 अक्टूबर तक केंद्राधीक्षकों के साथ बैठक कर परीक्षा संबंधी निर्देश देने को कहा गया है। उपयोग की गई ओएमआर शीट, बिना इस्तेमाल वाली शीट और उपस्थिति पत्रक को अलग-अलग निर्धारित रंग के कपड़ों में बांधकर राज्य मुख्यालय भेजने की व्यवस्था की गई है। झारखंड में इससे पहले जेटेट का आयोजन 2016 में हुआ था।