जेपीएससी की दो परीक्षाओं की करीब 500 ओएमआर शीट में छेड़छाड़ का दावा, सीआईडी जांच जारी

सीआईडी ने अदालत को सौंपी केस डायरी में जेपीएससी की दो परीक्षाओं की करीब 500 ओएमआर शीट से छेड़छाड़ का दावा किया है। जेएसएससी सीजीएल मामले में भी जांच और पूछताछ जारी है।

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रांची में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षा अनियमितता मामले की जांच का प्रतीकात्मक दृश्य

रांची में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच में नए तथ्य सामने आने का दावा किया गया है। अदालत में सौंपी गई सीआईडी की केस डायरी के अनुसार, जेपीएससी की दो परीक्षाओं की करीब 500 ओएमआर शीट में छेड़छाड़ की गई थी। एजेंसी ने अभय तिवारी को इस कथित नेटवर्क का मुख्य सूत्रधार बताया है। मामले में अभी जांच जारी है और इन दावों पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष आना बाकी है।

केस डायरी में लालपुर स्थित एक फ्लैट का भी उल्लेख है, जहां से परीक्षा संचालन एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड का काम होने की बात कही गई है। फ्लैट की मालिक के बयान के आधार पर सीआईडी का दावा है कि इसका लीज समझौता अभय तिवारी के साले सौरभ पांडेय के नाम से हुआ था। एजेंसी को इसी परिसर से अभय का कंपनी कर्मचारी वाला पहचानपत्र मिलने की बात भी दर्ज है।

जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि कंपनी के निदेशकों के रांची प्रवास से जुड़े कुछ भुगतान अभय ने यूपीआई के माध्यम से किए थे। सीआईडी इन भुगतानों और लीज समझौते को जांच की महत्वपूर्ण कड़ी मान रही है। केस डायरी में यह आरोप भी है कि जेपीएससी 2025 प्रारंभिक परीक्षा के लिए 24 अभ्यर्थियों को जुटाया गया और इनमें से 11 ने दस-दस लाख रुपये दिए। इन आरोपों की न्यायिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

सीआईडी के मुताबिक, जांच के दौरान अभय की अपनी परीक्षा सफलताओं और अभ्यर्थियों से उसके संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है। एजेंसी का आरोप है कि वह अपनी सफलताओं का उदाहरण देकर दूसरे अभ्यर्थियों को प्रभावित करता और परीक्षा में सफलता दिलाने का भरोसा देता था। जांचकर्ता बैंक खातों, बयानों और कथित वित्तीय लेन-देन से नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।

इस बीच जेएसएससी सीजीएल प्रकरण की जांच कर रही विशेष जांच टीम ने गुरुवार को 25 सफल अभ्यर्थियों को बुलाकर पूछताछ की। मुख्य आरोपित अभय तिवारी को दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। वहीं, जेपीएससी परीक्षा मामले में पूर्व आयोग अध्यक्ष के कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र और परीक्षा एजेंसी के दो कर्मचारियों को तीन दिन की रिमांड मिली है।

सीआईडी मुख्यालय में अभय से कथित सेटिंग नेटवर्क, बिचौलियों, पैसों के लेन-देन और सफल अभ्यर्थियों से संपर्क के संबंध में पूछताछ की गई। उपलब्ध विवरण के अनुसार शुक्रवार को भी पूछताछ जारी रहने की बात है। जांच पूरी होने और अदालत में साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।