जेपीएससी की 21 परीक्षाओं तक बढ़ी सीआईडी जांच, अभ्यर्थियों के रिकॉर्ड की होगी पड़ताल

टीडीपीएल के माध्यम से आयोजित जेपीएससी की 21 परीक्षाओं से जुड़े दस्तावेज सीआईडी ने अपने अधीन लिए हैं। अन्य परीक्षाओं के सफल अभ्यर्थियों को भी पूछताछ के लिए बुलाने की तैयारी है।

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रांची स्थित झारखंड लोक सेवा आयोग से जुड़ी परीक्षाओं की सीआईडी जांच

रांची में झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सीआईडी अब टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के माध्यम से आयोजित सभी 21 परीक्षाओं की पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसी ने इन परीक्षाओं से जुड़े सफल अभ्यर्थियों के रिकॉर्ड की जांच शुरू की है।

मामले की छानबीन के लिए गठित छह टीमों ने संबंधित परीक्षाओं के दस्तावेज जेपीएससी से अपने अधीन लिए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन अभिलेखों की बिंदुवार जांच की जाएगी। अन्य परीक्षाओं में सफल अभ्यर्थियों को समन भेजकर पूछताछ करने की भी तैयारी है। केवल जांच या पूछताछ के दायरे में आने से किसी अभ्यर्थी की संलिप्तता स्थापित नहीं होती है।

सीआईडी की अब तक की कार्रवाई मुख्य रूप से 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा तथा सहायक वन संरक्षक और वन क्षेत्र पदाधिकारी नियुक्ति परीक्षाओं से जुड़े मामलों पर केंद्रित रही है। जांच एजेंसी ने इन तीन परीक्षाओं में सफल नौ अभ्यर्थियों समेत कुल 27 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। एजेंसी के अनुसार, गिरफ्तार अभ्यर्थियों के विरुद्ध छानबीन में साक्ष्य मिले हैं।

गिरफ्तार आरोपितों में जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष एल. खियांग्ते और तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता भी शामिल हैं। प्रकरण में कथित पेपर लीक, ओएमआर शीट में हेराफेरी, परीक्षा संबंधी अनियमितता और अनुचित तरीके से अभ्यर्थियों को सफल कराने जैसे आरोपों की जांच चल रही है। इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

जांच के दायरे में सिविल सेवा, बैकलॉग भर्ती, विश्वविद्यालयों के गैर-शैक्षणिक पद, ड्रग इंस्पेक्टर, सहायक प्राध्यापक, पॉलिटेक्निक व्याख्याता, सिविल जज, सहायक लोक अभियोजक, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और झारखंड पात्रता परीक्षा समेत कई चयन प्रक्रियाएं शामिल हैं। इनमें से अधिकतर परीक्षाओं के कुछ सफल अभ्यर्थी वर्तमान में नौकरी कर रहे हैं।

सीआईडी दस्तावेजों और प्रारंभिक जांच से सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। विस्तारित जांच का उद्देश्य अलग-अलग परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की प्रकृति और संभावित संबंधों का पता लगाना है। फिलहाल शेष परीक्षाओं के किसी अभ्यर्थी के विरुद्ध दोष सिद्ध होने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।