जेपीएससी में अध्यक्ष और सदस्यों के पद खाली, 21 जुलाई से रुकी नियुक्ति प्रक्रिया

जेपीएससी में अध्यक्ष और सभी सदस्यों के पद रिक्त होने से नियुक्ति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। परीक्षा सुधार और अदालती मामलों के कारण नई नियुक्तियों पर भी संशय बना हुआ है।

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रांची स्थित झारखंड लोक सेवा आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया से संबंधित प्रतीकात्मक दृश्य

रांची में झारखंड लोक सेवा आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया 21 जुलाई से ठप है। आयोग में अध्यक्ष और सभी सदस्यों के पद रिक्त होने के कारण प्रक्रियाधीन परीक्षाओं के साथ नई नियुक्ति परीक्षाओं को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए इस वर्ष आयोग से नई नियुक्ति होने के आसार कम बताए जा रहे हैं।

आयोग की गतिविधियां दोबारा आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार को पहले अध्यक्ष और सदस्यों के खाली पदों पर नियुक्ति करनी होगी। इन पदों को भरे जाने के बाद ही परीक्षा और चयन से जुड़ी प्रक्रियाओं के आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो सकेगा।

इस बीच राज्य सरकार ने परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने और पूरी प्रक्रिया में सुधार के लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की है। समिति की अनुशंसाओं पर राज्य स्तर पर निर्णय लिया जाएगा और इसके बाद कैबिनेट की सहमति भी ली जानी है। इन प्रक्रियाओं में एक से दो महीने लगने की संभावना जताई गई है।

आयोग की 21 परीक्षाएं रद्द किए जाने से जुड़ा मामला झारखंड हाईकोर्ट में भी लंबित है। इस विषय में कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं। इन पर आने वाले न्यायिक आदेश का असर संबंधित नियुक्ति प्रक्रियाओं पर पड़ सकता है। कई प्रक्रियाधीन परीक्षाएं जांच के दायरे में भी बताई गई हैं।

जेपीएससी ने कुल 798 पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इनमें से अधिकांश पदों की नियुक्ति प्रक्रिया विवादों में आ गई। इससे पहले से आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों के लिए चयन कार्यक्रम की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।

इसके अतिरिक्त 847 पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया जाना था। विभिन्न विभागों से इन पदों की अधियाचना जुलाई तक आयोग को मिल चुकी थी। अब अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति, परीक्षा सुधार संबंधी निर्णय तथा अदालत में लंबित मामलों की प्रगति के बाद ही इन भर्तियों की आगे की तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।