रांची से मिली जानकारी के अनुसार, झारखंड के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2027-28 से तीसरी, चौथी और नौवीं कक्षा की पाठ्यपुस्तकें बदलने की तैयारी है। तीसरी और चौथी की पुस्तकें झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद ने तैयार की हैं, जबकि नौवीं में एनसीईआरटी की संशोधित किताबें लागू की जाएंगी।
नौवीं कक्षा के लिए प्रस्तावित पुस्तकें राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क-2023 के आधार पर तैयार की गई हैं। जेसीईआरटी ने पुस्तकों से संबंधित निर्णय की जानकारी झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद को दे दी है। अगले शैक्षणिक सत्र के लिए इनका प्रकाशन परिषद के माध्यम से कराया जाना है।
राज्य के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक सामान्यतः जेसीईआरटी की तैयार पुस्तकें पढ़ाई जाती हैं। नौवीं से बारहवीं तक एनसीईआरटी की किताबें लागू रहती हैं। मौजूदा सत्र 2026-27 से पहली और दूसरी कक्षा की संशोधित पुस्तकें राज्य में पहले ही लागू की जा चुकी हैं।
वर्तमान सत्र में 80 सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में एनसीईआरटी की बदली हुई पुस्तकें लागू की गईं। अन्य सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के लिए प्रकाशन की निविदा पहले ही तय हो जाने के कारण वहां इस सत्र में किताबें नहीं बदली जा सकीं। अब नौवीं की नई पुस्तकें 2027-28 से सभी संबंधित स्कूलों में लागू करने की योजना है।
तीसरी से आठवीं तक की सभी संशोधित किताबें अगले सत्र में लाने की योजना थी, लेकिन फिलहाल तीसरी और चौथी कक्षा की पुस्तकें ही अंतिम रूप से तैयार हो पाई हैं। इस कारण पांचवीं से आठवीं कक्षा की संशोधित पुस्तकें शैक्षणिक सत्र 2028-29 से लागू होने की संभावना बताई गई है।
दसवीं और ग्यारहवीं की किताबों में बदलाव भी 2028-29 से होने की संभावना है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, एनसीईआरटी द्वारा दसवीं की नई पुस्तकें अगले वर्ष जनवरी और ग्यारहवीं की पुस्तकें फरवरी में जारी किए जाने का अनुमान है। झारखंड में प्रकाशन प्रक्रिया पहले शुरू होने के कारण इन्हें 2027-28 में लागू करना कठिन माना जा रहा है। बारहवीं की पुस्तकों में बदलाव बाद में किया जाएगा।