रांची में झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद और आईपई ग्लोबल लिमिटेड ने राज्य की स्कूली व्यावसायिक शिक्षा को मजबूत करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। 27 अक्टूबर को एसएचई लर्न्स पहल के तहत हुए इस समझौते का उद्देश्य विद्यार्थियों को रोजगारपरक कौशल से जोड़ना तथा उनके लिए करियर से संबंधित अवसरों का विस्तार करना है।
समझौते पर जेईपीसी के राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन और आईपई ग्लोबल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष आशीष मुखर्जी ने हस्ताक्षर किए। इस दौरान जेईपीसी में व्यावसायिक शिक्षा के नोडल अधिकारी अमित कुमार और आईपई ग्लोबल की राष्ट्रीय प्रमुख, व्यावसायिक शिक्षा, श्रीमयी भट्टाचार्य भी उपस्थित रहीं।
समझौते के तहत आईपई ग्लोबल की ओर से जेईपीसी को गैर-वित्तीय तकनीकी सहयोग दिया जाएगा। इसके माध्यम से स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा की व्यवस्था बेहतर करने, उद्योगों के साथ समन्वय बढ़ाने और विद्यार्थियों के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराने पर काम किया जाना है।
साझेदारी में विद्यार्थियों को विभिन्न उद्योगों की कार्यप्रणाली समझने और कार्यस्थल पर प्रशिक्षण प्राप्त करने के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया गया है। प्रस्तावित गतिविधियों का लक्ष्य उन्हें अलग-अलग क्षेत्रों की जरूरतों और रोजगार की संभावनाओं से परिचित कराना है, ताकि वे अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार करियर के विकल्प समझ सकें।
इस पहल में छात्राओं की व्यावसायिक शिक्षा में भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान रखा गया है। उन्हें रोजगार के लिए आवश्यक कौशल देने और पढ़ाई के बाद आजीविका के बेहतर विकल्पों से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है। यह साझेदारी राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों और विकसित भारत-2047 के दृष्टिकोण से भी जोड़ी गई है।
हालांकि, समझौते की जानकारी में अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि गतिविधियां किन स्कूलों में शुरू होंगी और उनके क्रियान्वयन की समयसीमा क्या होगी। इसलिए इसके वास्तविक दायरे और विद्यार्थियों तक प्रशिक्षण पहुंचने की प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।