झारखंड में अगस्त तक लक्ष्य से कम राजस्व संग्रह, वित्त मंत्री ने आय बढ़ाने के दिए निर्देश

वित्त वर्ष 2026-27 के शुरुआती पांच महीनों में झारखंड का राजस्व संग्रह 41 प्रतिशत के लक्ष्य के मुकाबले करीब 36 प्रतिशत रहा। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने विभागों को आय बढ़ाने और कर चोरी रोकने का निर्देश दिया है।

2 मिनट पढ़ें 4 बार पढ़ी गई
रांची में झारखंड के राजस्व संग्रह और वित्तीय लक्ष्यों पर जानकारी देते वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर

रांची में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि चालू वित्त वर्ष 2026-27 के शुरुआती पांच महीनों में झारखंड सरकार लक्ष्य के अनुसार राजस्व नहीं जुटा सकी है। अगस्त तक 41 प्रतिशत संग्रह का लक्ष्य रखा गया था, जबकि उपलब्धि करीब 36 प्रतिशत रही। इस अंतर के बाद सरकार ने आंतरिक संसाधनों से होने वाली आय बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया है।

वित्त मंत्री के अनुसार अधिकारियों को तीन-तीन महीने के लिए निर्धारित आय और व्यय के लक्ष्य पूरे करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य को राजस्व के मामले में अपने पैरों पर खड़ा करने की आवश्यकता है, ताकि केंद्र पर निर्भरता कम की जा सके।

किशोर ने दावा किया कि केंद्र सरकार की अलग-अलग नीतियों के कारण झारखंड को कुल 22 हजार करोड़ रुपये की राजस्व क्षति उठानी पड़ रही है। उनके मुताबिक इसमें मनरेगा का नाम बदलकर जी राम जी योजना किए जाने और जीएसटी में बदलाव से चार-चार हजार करोड़ रुपये, जबकि एमएमडीआर कानून में संशोधन से करीब 14 हजार करोड़ रुपये का नुकसान शामिल है। ये आंकड़े वित्त मंत्री की ओर से प्रस्तुत किए गए हैं।

उन्होंने वाणिज्य कर विभाग की आय बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। मंत्री के अनुसार यह विभाग राज्य के अपने कर राजस्व में सबसे बड़ी हिस्सेदारी रखता है और करीब 24 हजार करोड़ रुपये देता है। सरकार चाहती है कि विभाग का संग्रह छह हजार करोड़ रुपये और बढ़े।

राजस्व बढ़ाने के उपायों में कर चोरी, फर्जी जीएसटी और अवैध परिवहन से होने वाली जीएसटी क्षति पर रोक लगाना शामिल है। वित्त मंत्री ने अधिकारियों से इन क्षेत्रों में निगरानी और कार्रवाई के जरिए सरकारी आय बढ़ाने को कहा है।

किशोर ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार कई योजनाएं चला रही है, जिनमें मंईयां सम्मान योजना भी शामिल है। इन योजनाओं के लिए धन की जरूरत का उल्लेख करते हुए उन्होंने विभागीय अधिकारियों से निर्धारित संग्रह लक्ष्य हासिल करने और राज्य के आंतरिक राजस्व आधार को मजबूत करने को कहा।