झारखंड में चाय-कॉफी खेती की योजना, डेमोटांड केंद्र को एग्रो टूरिज्म हब बनाने की तैयारी

सरकार किसानों के लिए चाय-कॉफी खेती की योजना पर काम कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार डेमोटांड केंद्र को एग्रो टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने की तैयारी है।

2 मिनट पढ़ें 8 बार पढ़ी गई
डेमोटांड केंद्र को एग्रो टूरिज्म हब बनाने की तैयारी

झारखंड में चाय और कॉफी की खेती को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार ने किसानों के लिए नई योजना तैयार की है। प्रकाशित रिपोर्ट में इसे राज्य के कृषि क्षेत्र से जुड़ी बड़ी पहल बताया गया है, जिसमें खेती के साथ-साथ पर्यटन की संभावना को भी जोड़ा जा रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, योजना का प्रमुख केंद्र डेमोटांड होगा। डेमोटांड केंद्र को एग्रो टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने की तैयारी है। इसका संकेत है कि यहां कृषि गतिविधियों को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि लोगों को खेती और उससे जुड़े अनुभवों से जोड़ने की कोशिश भी की जाएगी।

चाय और कॉफी जैसी फसलों की खेती का प्रस्ताव किसानों के लिए नए विकल्प खोल सकता है। अभी उपलब्ध जानकारी में योजना के बजट, समयसीमा, चयनित किसानों या खेती के क्षेत्रफल का विवरण नहीं दिया गया है, इसलिए इन पहलुओं पर आधिकारिक जानकारी का इंतजार रहेगा।

कृषि आधारित पर्यटन का विचार राज्य में ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ी गतिविधियों को नई पहचान दे सकता है। डेमोटांड केंद्र को हब बनाने की बात सामने आने से यह स्पष्ट होता है कि सरकार खेती, प्रशिक्षण और पर्यटन को एक साथ जोड़कर मॉडल विकसित करना चाहती है।

फिलहाल रिपोर्ट में इतना ही बताया गया है कि झारखंड में चाय-कॉफी की खेती कराने और डेमोटांड को एग्रो टूरिज्म केंद्र बनाने की योजना है। आगे की घोषणा में यह साफ होगा कि किसानों को इस योजना से किस तरह जोड़ा जाएगा और जमीन पर इसका क्रियान्वयन कैसे होगा।