झारखंड में दो नवंबर से भाजपा का पदयात्रा अभियान, पहले चरण में छह जिले शामिल

भाजपा ने झारखंड में ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ अभियान के पहले चरण का कार्यक्रम जारी किया है। दो से पांच नवंबर तक छह जिलों में पदयात्राएं प्रस्तावित हैं।

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रांची में भाजपा के प्रस्तावित पदयात्रा अभियान से संबंधित प्रतिनिधि दृश्य

रांची में दो नवंबर से भारतीय जनता पार्टी का ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ अभियान शुरू होगा। पार्टी की ओर से जारी पहले चरण के कार्यक्रम में झारखंड के छह जिलों को शामिल किया गया है। दो से पांच नवंबर तक प्रस्तावित पदयात्राओं के लिए अलग-अलग नेताओं को जिलावार जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।

पार्टी के प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह के मुताबिक, अभियान की शुरुआत दो नवंबर को रांची में होने वाली पदयात्रा से होगी। इस कार्यक्रम की जिम्मेदारी उन्हें दी गई है। तीन नवंबर को गिरिडीह और हजारीबाग में पदयात्राएं निकाली जाएंगी। गिरिडीह के लिए प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी और हजारीबाग के लिए पूर्व विधायक बिरंची नारायण को प्रभारी बनाया गया है।

चार नवंबर को पलामू में प्रस्तावित कार्यक्रम की कमान प्रदेश उपाध्यक्ष नीलकंठ सिंह मुंडा संभालेंगे। पहले चरण का समापन पांच नवंबर को जमशेदपुर और दुमका में होने वाली पदयात्राओं के साथ होगा। पार्टी ने जमशेदपुर में विधायक राज सिन्हा तथा दुमका में प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा को अभियान का दायित्व दिया है।

भाजपा ने यह अभियान कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ महारैली के राजनीतिक जवाब के रूप में घोषित किया है। पार्टी का कहना है कि पदयात्राओं के दौरान वह मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े अपने पक्ष को लोगों के सामने रखेगी। मतदाता सूची में मृत, स्थानांतरित, दोहरे और अपात्र नामों की जांच की आवश्यकता पर भी कार्यकर्ता जनसंपर्क करेंगे।

मनोज सिंह ने कांग्रेस पर चुनावी नतीजों के बाद निर्वाचन आयोग और दूसरी संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। ये भाजपा के राजनीतिक आरोप हैं। कांग्रेस या इंडिया गठबंधन की प्रतिक्रिया उपलब्ध विवरण में शामिल नहीं है। भाजपा ने अभियान के दौरान केंद्र सरकार की योजनाओं, विकास कार्यों और सुशासन से जुड़े अपने दावों को भी जनता तक पहुंचाने की बात कही है।

पार्टी के अनुसार, पहले चरण के कार्यक्रम दीपावली से पहले पूरे किए जाएंगे। छठ महापर्व के बाद झारखंड के शेष जिलों में भी पदयात्राएं आयोजित करने की योजना है। आगामी चरणों की जिलावार तारीखों और प्रभारियों का विस्तृत कार्यक्रम अभी उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।