रांची में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से झारखंड में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 की समीक्षा की। बैठक में सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी और उप निर्वाचन पदाधिकारी शामिल हुए।
समीक्षा के दौरान नो-मैपिंग और लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी से जुड़े मामलों की सुनवाई, विभिन्न श्रेणियों के प्रकरणों के निष्पादन तथा फॉर्म-6, 7 और 8 से मिले आवेदनों के डिजिटाइजेशन की प्रगति पर चर्चा हुई। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सुनवाई और रिपोर्टिंग में औपचारिकता पूरी करने के बजाय प्रत्येक मामले की समुचित जांच करने का निर्देश दिया।
अधिकारियों से सुनवाई की गति बढ़ाने और ईसीआईनेट पर प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन में प्रगति सुनिश्चित करने को कहा गया। फॉर्म-6 के काम की समीक्षा करते हुए बूथ लेवल अधिकारियों और बूथ लेवल सुपरवाइजरों के कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा धीमी प्रगति वाले मतदान केंद्रों पर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने होम-टू-रोल सत्यापन के लिए भौतिक निरीक्षण कराने की बात कही। नए पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए विशेष शिविर आयोजित करने को कहा गया है। जनजातीय आबादी वाले क्षेत्रों के लोगों को आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों के संबंध में सहायता देने पर विशेष जोर दिया गया।
निर्देश के अनुसार दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों के साथ दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों, प्रवासी श्रमिकों, बेघर लोगों तथा सामाजिक या भौगोलिक रूप से वंचित समूहों तक पहुंच बनाई जानी है। प्रत्येक दावे और आपत्ति पर उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर निर्णय होगा तथा मामलों की जांच किए बिना सामूहिक आदेश पारित नहीं किए जाएंगे।
एसआईआर-2026 की अद्यतन स्थिति पर चर्चा के लिए 26 अक्टूबर को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ बैठक निर्धारित है। इससे पहले अधिकारियों को प्रगति संबंधी तथ्यपरक जानकारी तैयार रखने को कहा गया है। समीक्षा में पात्र भारतीय नागरिकों को सूची से वंचित न रखने और हर नाम की पात्रता का निष्पक्ष, पारदर्शी तथा कानूनसम्मत सत्यापन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।