झारखंड में 1 से 15 नवंबर तक जनजातीय गौरव दिवस, कला-संस्कृति पर होंगे विविध आयोजन

जनजातीय गौरव दिवस के दौरान क्विज, सेमिनार, चित्रकला और निबंध प्रतियोगिताओं के साथ जनजातीय कला, वेशभूषा और परंपराओं पर संगोष्ठियां आयोजित की जाएंगी।

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जनजातीय गौरव दिवस के तहत झारखंड में प्रस्तावित कला और संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम

रांची में जनजातीय गौरव दिवस के तहत 1 से 15 नवंबर तक विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। केंद्र सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देश पर प्रस्तावित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य झारखंड की जनजातीय कला, संस्कृति और परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

मोरहाबादी स्थित डॉ. रामदयाल मुंडा जनजातीय शोध संस्थान के निदेशक आलोक एस. कच्छप के अनुसार, आयोजन के दौरान क्विज, सेमिनार, चित्रकला और निबंध प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। कार्यक्रमों में जनजातीय विषयों को अलग-अलग रचनात्मक और शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से सामने रखा जाएगा।

आयोजन में जनजातीय कला और पारंपरिक वेशभूषा पर केंद्रित गतिविधियां भी शामिल होंगी। इसके अलावा जनजातीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर संगोष्ठियों की योजना है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से प्रतिभागियों को झारखंड की सांस्कृतिक विरासत के विभिन्न पक्षों से परिचित कराने का प्रयास किया जाएगा।

जनजातीय गौरव दिवस की गतिविधियों में विद्यार्थियों और युवाओं की भागीदारी पर विशेष जोर रहेगा। इसका मकसद नई पीढ़ी को जनजातीय विरासत, कला और परंपराओं से जोड़ना तथा इन विषयों के प्रति उनकी समझ और रुचि बढ़ाना है।

इस अवधि से अलग, 2 अक्टूबर से 25 दिसंबर तक रिफॉर्म उत्सव भी मनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत लोगों को आधार कार्ड, जाति प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज बनवाने या उनमें आवश्यक सुधार कराने की सुविधा देने से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

दस्तावेजों से जुड़ी प्रक्रियाओं को लोगों के लिए सुगम बनाने की दिशा में सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही गई है। इस तरह नवंबर में होने वाले सांस्कृतिक और शैक्षणिक आयोजनों के साथ दस्तावेज संबंधी सेवाओं पर केंद्रित रिफॉर्म उत्सव की गतिविधियां भी निर्धारित अवधि में जारी रहेंगी।