झारखंड हाईकोर्ट ने सामुदायिक स्वास्थ्य स्नातकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने का दिया निर्देश

सामुदायिक स्वास्थ्य में बीएससी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की याचिका पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने और पात्रता के अनुसार ग्रेड पे देने का निर्देश दिया।

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रांची स्थित झारखंड हाईकोर्ट भवन का दृश्य

रांची में झारखंड हाईकोर्ट ने सामुदायिक स्वास्थ्य में बैचलर ऑफ साइंस पाठ्यक्रम उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को राहत देते हुए राज्य सरकार को उनकी नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने सुनील कुमार एवं अन्य अभ्यर्थियों की याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया।

अदालत ने वर्ष 2019 की गजट अधिसूचना के आधार पर अभ्यर्थियों को परीक्षा उत्तीर्ण करने की तिथि से 4,200 रुपये ग्रेड पे देने का भी निर्देश दिया है। आदेश याचिका में उठाए गए नियुक्ति और वेतनमान से जुड़े प्रश्नों पर सुनवाई के बाद आया है।

याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत को बताया गया कि राज्य सरकार ने सामुदायिक स्वास्थ्य में स्नातक विज्ञान की डिग्री प्राप्त लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सहायक पद पर नियुक्त करने का निर्णय लिया था। इस पद के लिए 4,200 रुपये ग्रेड पे निर्धारित किए जाने की बात भी अदालत के समक्ष रखी गई।

अभ्यर्थियों ने अपनी दलील में सामुदायिक स्वास्थ्य सहायक नियुक्ति एवं सेवा-शर्त नियमावली, 2025 का उल्लेख किया। उनका कहना था कि नियमावली बनने के बावजूद डिग्रीधारियों को नियमित नियुक्ति नहीं दी गई और उन्हें संविदा के आधार पर काम पर रखा गया।

याचिका में यह दावा भी किया गया कि संविदा पर रखे जाने के कारण संबंधित अभ्यर्थियों को निर्धारित ग्रेड पे का लाभ नहीं मिला। अदालत ने उपलब्ध तथ्यों और अधिसूचना के आधार पर सरकार को नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा है।

यह आदेश सामुदायिक स्वास्थ्य की पढ़ाई पूरी कर नियुक्ति और सेवा लाभ की मांग कर रहे अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है। अब आगे की प्रक्रिया में राज्य सरकार को अदालत के निर्देश और संबंधित सेवा नियमावली के अनुरूप कदम उठाने होंगे।