टीईटी अनिवार्यता से छूट की मांग पर शिक्षक 22 अक्टूबर से रांची में करेंगे अनिश्चितकालीन अनशन

अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ की राज्य कार्यकारिणी ने अनशन का निर्णय लिया है। संघ विधानसभा से प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजने की मांग भी करेगा।

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प्रारंभिक विद्यालयों के शिक्षक शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता से छूट की मांग को लेकर 22 अक्टूबर से रांची में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करेंगे। आंदोलन का निर्णय अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया। जमशेदपुर के प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक भी इस प्रस्तावित आंदोलन में शामिल होंगे।

संघ की मांग है कि झारखंड विधानसभा इस विषय पर एक प्रस्ताव पारित करे और उसे केंद्र सरकार के पास भेजे। शिक्षक संगठन ने इसके लिए तमिलनाडु में अपनाई गई प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए झारखंड में भी उसी तर्ज पर पहल करने की मांग रखी है।

बैठक में तय किया गया कि संघ का एक प्रतिनिधिमंडल राज्य सरकार के सभी मंत्रियों से मुलाकात करेगा। प्रतिनिधिमंडल मंत्रियों के सामने टीईटी से छूट और विधानसभा में प्रस्ताव लाने की मांग रखेगा। इसके बाद भी समाधान नहीं निकलने पर घोषित कार्यक्रम के अनुसार रांची में अनिश्चितकालीन अनशन किया जाएगा।

शिक्षक संघ के अनुसार, निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त रखा जाना चाहिए। संगठन का कहना है कि इस विषय से जुड़ी न्यायिक व्यवस्था के कारण राज्य में पहले से कार्यरत बड़ी संख्या में शिक्षक प्रभावित हो सकते हैं।

संघ ने दावा किया है कि झारखंड के करीब 25 हजार शिक्षकों के सामने नौकरी को लेकर संकट की स्थिति बनी हुई है। हालांकि उपलब्ध जानकारी में राज्य सरकार की ओर से संगठन की मांग या प्रस्तावित अनशन पर किसी प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है। अब शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल की मंत्रियों से होने वाली बातचीत और सरकार के अगले कदम पर नजर रहेगी।