खूंटी जिले के तोरपा प्रखंड के उयूर गांव की हॉकी खिलाड़ी रौशनी आईंद ने जूनियर एशिया कप महिला हॉकी प्रतियोगिता 2026 में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा बनकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उनकी उपलब्धि से परिवार और गांव में खुशी का माहौल है।
प्रकाशित विवरण के अनुसार, रौशनी ने बचपन में फुटबॉल खेलना शुरू किया था। गांव के ही हॉकी खिलाड़ी हेमंत आईंद ने उन्हें हॉकी की ओर प्रेरित किया और प्रशिक्षण देना शुरू किया। उस समय परिवार के पास नई हॉकी स्टिक खरीदने के लिए पैसे नहीं थे। उनके बड़े भाई लालचंद आईंद ने अपने एक दोस्त से स्टिक मांगकर उन्हें दी, जिसके बाद रौशनी गांव के लड़कों के साथ अभ्यास करने लगीं।
रौशनी का चयन वर्ष 2019 में डे बोर्डिंग सेंटर के लिए हुआ। उसी वर्ष से वह रांची के बरियातू सेंटर में रहकर प्रशिक्षण ले रही हैं। उन्होंने 2022 और 2023 में राज्य स्तरीय सब-जूनियर हॉकी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया, जबकि 2024 और 2025 में जूनियर राष्ट्रीय महिला हॉकी प्रतियोगिता में खेलीं।
उनकी खेल यात्रा में घरेलू प्रतियोगिताओं की उपलब्धियां भी शामिल हैं। राज्य सब-जूनियर प्रतियोगिता में झारखंड की टीम ने रजत पदक हासिल किया था। जूनियर राष्ट्रीय महिला प्रतियोगिता में टीम ने स्वर्ण पदक जीता। अब जूनियर एशिया कप में भारतीय टीम के साथ मिली सफलता ने उनके करियर में एक और उपलब्धि जोड़ दी है।
रौशनी के माता-पिता ने बेटी के पदक और इस्तेमाल की गई हॉकी स्टिक को घर में सहेजकर रखा है। परिवार की इच्छा है कि वह आगे चलकर सीनियर भारतीय महिला हॉकी टीम में जगह बनाएं और देश के लिए अन्य प्रतियोगिताओं में भी पदक जीतें।
उयूर गांव का हॉकी से पुराना जुड़ाव रहा है। गांव के दिवंगत गोपाल भेंगरा भारतीय टीम की ओर से अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खेल चुके थे। उनके भाई लालचंद भेंगरा और चंदन भेंगरा भी हॉकी खिलाड़ी रहे हैं। इसी खेल परंपरा के बीच रौशनी की उपलब्धि को गांव के उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा के रूप में देखा जा रहा है।