दलमा अभयारण्य में निर्माण पर केंद्रीय समिति ने मांगा जवाब, विभागों को ढाई सप्ताह का समय

राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की अनुमति के बिना कॉटेज और गेस्ट हाउस बनाने के आरोप पर केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति ने वन एवं पर्यटन विभाग से लिखित जवाब मांगा है।

2 मिनट पढ़ें 8 बार पढ़ी गई
पूर्वी सिंहभूम स्थित दलमा वन्यजीव अभयारण्य का वन क्षेत्र

पूर्वी सिंहभूम के दलमा वन्यजीव अभयारण्य में कॉटेज और गेस्ट हाउस के कथित अवैध निर्माण का मामला केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति के समक्ष पहुंचा है। सुनवाई के दौरान समिति ने झारखंड वन विभाग से नियमों के अनुपालन को लेकर सवाल किए और वन तथा पर्यटन विभाग को अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए ढाई सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया है।

मामले में आरोप है कि अभयारण्य क्षेत्र में निर्माण शुरू करने से पहले राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की अनिवार्य अनुमति नहीं ली गई। याचिकाकर्ता ने वन संरक्षण कानून के प्रावधानों का पालन नहीं किए जाने का दावा भी किया है। फिलहाल ये आरोप विचाराधीन हैं और समिति ने कोई अंतिम निर्णय नहीं दिया है।

याचिका में वर्ष 2020 में स्वीकृत दलमा अभयारण्य की प्रबंधन योजना का भी उल्लेख किया गया है। याचिकाकर्ता के अनुसार, योजना के अध्याय आठ में नए कॉटेज बनाने का प्रावधान नहीं है। इसी आधार पर निर्माण की अनुमति और उससे जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया पर आपत्ति दर्ज कराई गई है।

याचिकाकर्ता ने अभयारण्य में चल रहे सभी कथित अनधिकृत निर्माण तत्काल रोकने की मांग की है। साथ ही, वैध स्वीकृति के बिना विकास कार्यों को मंजूरी देने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और उनके विरुद्ध अवमानना की कार्रवाई की सिफारिश करने का अनुरोध भी समिति से किया गया है।

अभयारण्य क्षेत्र में संबंधित निर्माण कार्य पहले ही रोक दिया गया है। अब वन विभाग और पर्यटन विभाग को लिखित जवाब तथा शपथ पत्र दाखिल करने हैं। समिति ने स्पष्ट किया है कि दोनों विभागों का पक्ष और उपलब्ध दस्तावेज देखने के बाद ही आगे की कार्रवाई पर फैसला किया जाएगा।

इस स्तर पर विवाद का केंद्र निर्माण की आवश्यकता नहीं, बल्कि उसके लिए अपनाई गई वैधानिक अनुमति प्रक्रिया है। विभागों के जवाब से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि परियोजना को किन स्वीकृतियों के आधार पर आगे बढ़ाया गया था और अभयारण्य की प्रबंधन योजना के प्रावधानों का अनुपालन किस तरह किया गया।