दिलीप ट्रॉफी फाइनल में कुमार कुशाग्र का शतक, भारत ए टीम में चयन

बोकारो में क्रिकेट की शुरुआत करने वाले विकेटकीपर-बल्लेबाज कुमार कुशाग्र ने दिलीप ट्रॉफी फाइनल में पूर्वी क्षेत्र के लिए शतक लगाया। बेहतर प्रदर्शन के आधार पर उन्हें भारत ए टीम में चुना गया है।

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दिलीप ट्रॉफी फाइनल में शतक लगाने वाले बोकारो के क्रिकेटर कुमार कुशाग्र

बोकारो में क्रिकेट का शुरुआती प्रशिक्षण लेने वाले विकेटकीपर-बल्लेबाज कुमार कुशाग्र ने दिलीप ट्रॉफी के फाइनल में शतकीय पारी खेली है। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में पूर्वी क्षेत्र की ओर से खेलते हुए उन्होंने अपनी टीम को मजबूती दी। इस प्रदर्शन के बाद उनका चयन भारत ए टीम में किया गया है।

भारत ए को ऑस्ट्रेलिया ए के विरुद्ध मुकाबले खेलने हैं। कुशाग्र इससे पहले श्रीलंका में भी मेजबान टीम के विरुद्ध मैच खेल चुके हैं। दिलीप ट्रॉफी के निर्णायक मुकाबले में आया उनका शतक घरेलू क्रिकेट में उनके लगातार आगे बढ़ते सफर की एक और उपलब्धि है।

कुशाग्र का क्रिकेट से जुड़ाव बोकारो इस्पात नगर में रहने के दौरान शुरू हुआ था। उन्होंने बोकारो क्रिकेट कोचिंग एकेडमी में प्रशिक्षकों की देखरेख में अभ्यास किया। प्रदर्शन के आधार पर पहले उन्हें अंडर-16 और अंडर-19 जिला टीमों में जगह मिली तथा बाद में वे झारखंड की टीम तक पहुंचे।

वर्ष 2019 की विजय मर्चेंट ट्रॉफी में सर्वाधिक रन बनाने के बाद कुशाग्र को भारतीय अंडर-19 विश्व कप टीम में चुना गया था। दक्षिण अफ्रीका में आयोजित उस प्रतियोगिता में भी उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया। इसके बाद घरेलू क्रिकेट में उन्हें अपनी बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग दिखाने के अधिक अवसर मिले।

वर्ष 2021 के रणजी ट्रॉफी मुकाबले में नागालैंड के विरुद्ध खेली गई 266 रन की पारी उनके करियर की प्रमुख पारियों में शामिल है। बाद में दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें 7.20 करोड़ रुपये में खरीदा। इन उपलब्धियों के बीच बोकारो में बिताया उनका शुरुआती प्रशिक्षण काल उनके क्रिकेट सफर का अहम हिस्सा रहा है।

कुशाग्र का परिवार अब जमशेदपुर के सोनारी में रहता है। उनके पिता शशिकांत वर्ष 2016 में बोकारो में ट्रेजरी ऑफिसर थे और बाद में जीएसटी ज्वाइंट कमिश्नर पद से सेवानिवृत्त हुए। जमशेदपुर में एक प्रशिक्षण शिविर भी खोला गया है, जहां कुशाग्र युवा खिलाड़ियों को क्रिकेट की तकनीक और नियमों से परिचित कराएंगे। उनका लक्ष्य आगे भारतीय टीम के लिए खेलना है।