दिवाली पर शहरी क्षेत्रों में रात 8 से 10 बजे तक ही पटाखे चलाने की अनुमति

झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण परिषद के निर्देश के अनुसार दिवाली पर राज्य के शहरी क्षेत्रों में पटाखे चलाने के लिए रात 8 से 10 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है।

2 मिनट पढ़ें 6 बार पढ़ी गई
दिवाली पर पटाखे चलाने की निर्धारित समय-सीमा से संबंधित प्रतीकात्मक दृश्य

धनबाद समेत झारखंड के सभी जिलों के शहरी क्षेत्रों में दिवाली के दिन रात 8 बजे से 10 बजे तक ही पटाखे चलाने की अनुमति होगी। झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण परिषद ने वायु और ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के उद्देश्य से यह समय-सीमा निर्धारित की है। तय अवधि के बाहर आतिशबाजी करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

जारी निर्देश में पटाखों से होने वाले शोर के लिए भी मानक बताया गया है। पटाखों की ध्वनि सीमा 125 डेसिबल तक रखी गई है। ऐसे में लोगों को पटाखे खरीदते और चलाते समय समय-सीमा के साथ ध्वनि संबंधी मानकों का भी पालन करना होगा।

परिषद के निर्देश केवल दिवाली तक सीमित नहीं हैं। छठ के अवसर पर सुबह 6 बजे से 8 बजे तक पटाखे चलाने की अनुमति दी गई है। क्रिसमस और नववर्ष के दौरान आतिशबाजी के लिए रात 11 बजकर 55 मिनट से मध्यरात्रि 12 बजकर 30 मिनट तक का समय तय किया गया है।

निर्देश के मुताबिक, निर्धारित समय और प्रदूषण संबंधी नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता तथा संबंधित पर्यावरण कानूनों के तहत कार्रवाई हो सकती है। यह व्यवस्था राज्य के शहरी इलाकों में लागू करने की बात कही गई है।

दिवाली नजदीक आने के साथ बाजारों में सजावट और पटाखों की खरीदारी बढ़ रही है। इसी दौरान आतिशबाजी से पैदा होने वाला वायु और ध्वनि प्रदूषण प्रशासन के लिए चिंता का विषय रहता है। परिषद ने इसी को ध्यान में रखते हुए त्योहारों के लिए अलग-अलग समय निर्धारित किया है।

लोगों से तय अवधि के भीतर ही पटाखे चलाने और बुजुर्गों, बच्चों, मरीजों तथा आसपास रहने वाले अन्य लोगों की परेशानी का ध्यान रखने की अपील की गई है। निर्देशों में त्योहार मनाते समय सुरक्षित और जिम्मेदार व्यवहार अपनाने तथा ध्वनि मानकों का पालन करने पर जोर दिया गया है।