रांची में झारखंड पुलिस मुख्यालय की विशेष शाखा ने दीपावली और छठ महापर्व के दौरान आग लगने तथा अन्य दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए राज्य के सभी जिलों को सतर्कता बढ़ाने का निर्देश दिया है। उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों से पटाखों की बिक्री, भंडारण और आतिशबाजी पर लगातार निगरानी रखने को कहा गया है।
निर्देश के अनुसार, जिला प्रशासन पटाखा दुकानों के लाइसेंस में दर्ज शर्तों का पालन सुनिश्चित कराएगा। पुलिस की ओर से दुकानों की समय-समय पर जांच की जाएगी, जिसमें उपलब्ध स्टॉक और भंडारण से जुड़े दस्तावेज देखे जाएंगे। बिना अनुमति पटाखे रखने या बेचने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा गया है।
जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि विक्रेता निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन कर रहे हैं या नहीं। अधिक आवाज वाले पटाखों की बिक्री रोकने के लिए भी निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस मुख्यालय ने दीपावली पर आतिशबाजी के लिए रात आठ से दस बजे तक की समय-सीमा बताई है और जिलों से इसका सख्ती से अनुपालन कराने को कहा है।
छठ महापर्व के दौरान घाटों पर पटाखे चलाने और आतिशबाजी रोकने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। स्थानीय थानों और पूजा समितियों के माध्यम से श्रद्धालुओं को अर्घ्य तथा पूजा के समय पटाखों से दूरी रखने की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए सार्वजनिक संदेश प्रसारित करने की भी योजना है।
आग लगने की स्थिति से निपटने के लिए संवेदनशील स्थानों पर अग्निशमन दल तैनात रखने को कहा गया है। जिलों को अग्निशमन सेवा के अधिकारियों के साथ बैठक कर उपलब्ध संसाधनों और तैयारियों की समीक्षा करने तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश मिला है।
पुलिस मुख्यालय ने जिलों से त्योहारों के दौरान अग्निशमन व्यवस्था सक्रिय बनाए रखने को कहा है। प्रशासनिक निगरानी का दायरा पटाखा दुकानों की जांच से लेकर अवैध भंडारण पर कार्रवाई, निर्धारित अवधि के बाद आतिशबाजी रोकने और भीड़ वाले स्थानों पर आपात तैयारी तक रहेगा।