दुगनी राजघराने में ‘खंडा धुआ’ रस्म को लेकर दो पक्ष भिड़े, दोनों ओर से प्राथमिकी

सरायकेला के दुगनी राजघराना परिसर में महासप्तमी की पारंपरिक रस्म को लेकर परिवार के दो पक्षों के बीच विवाद और मारपीट हुई। दोनों पक्षों की शिकायत पर पुलिस जांच कर रही है।

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सरायकेला जिले के दुगनी राजघराना परिसर में दुर्गा पूजा की महासप्तमी पर निभाई जाने वाली पारंपरिक ‘खंडा धुआ’ रस्म को लेकर परिवार के दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। शनिवार दोपहर शुरू हुई कहासुनी मारपीट में बदल गई। बाद में दोनों पक्ष सरायकेला थाना पहुंचे और एक-दूसरे के विरुद्ध लिखित शिकायत दी।

‘खंडा धुआ’ में तलवार और अन्य पारंपरिक हथियारों की सफाई की जाती है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, राजघराने के सदस्य मनोज सिंहदेव पिछले कई वर्षों से महासप्तमी के दिन स्थानीय नदी पर यह रस्म पूरी करते रहे हैं। इस बार रस्म निभाने के अधिकार को लेकर परिवार के भीतर मतभेद सामने आया।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, परिवार के एक अन्य सदस्य लाल बहादुर सिंहदेव ने अपने स्तर से रस्म पूरी करने की बात कही। इसी मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच बहस बढ़ी और फिर हाथापाई होने लगी। घटना के दौरान परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बना रहा। शनिवार देर रात दोनों ओर के लोग सरायकेला थाना पहुंचे। पुलिस ने उनकी शिकायतों के आधार पर अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कर ली है। शिकायतों में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

पुलिस अब घटना के क्रम और विवाद में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। प्राथमिकी दर्ज होना आरोप सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है; जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि झड़प किन परिस्थितियों में हुई और किस पक्ष की क्या जिम्मेदारी थी।

दुगनी राजघराने में हर वर्ष दुर्गा पूजा का आयोजन किया जाता है और ‘खंडा धुआ’ उसकी पारंपरिक गतिविधियों में शामिल है। इस बार उसी रस्म को निभाने के प्रश्न पर पारिवारिक मतभेद थाने तक पहुंच गया। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और किसी अंतिम निष्कर्ष की जानकारी सामने नहीं आई है।