दुमका जिले के रामगढ़ प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय रनदोई में शिक्षकों की गंभीर कमी सामने आई है। धोबा पंचायत के इस विद्यालय में पहली से आठवीं कक्षा तक 163 विद्यार्थी नामांकित हैं, लेकिन उनकी पढ़ाई और विद्यालय संचालन की जिम्मेदारी फिलहाल एकमात्र शिक्षक पर है। प्रतिदिन करीब 100 बच्चों की उपस्थिति रहने की जानकारी दी गई है।
अलग-अलग कक्षाओं को संभालने के लिए विद्यार्थियों को तीन समूहों में बैठाया जाता है। पहली और दूसरी कक्षा के बच्चे एक कमरे में पढ़ते हैं। तीसरी से पांचवीं तक के विद्यार्थियों को दूसरे तथा छठी से आठवीं तक के बच्चों को तीसरे कमरे में एक साथ बैठाना पड़ता है। ऐसे में प्रत्येक कक्षा के पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई कराना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक को अध्यापन के साथ विभागीय रिपोर्ट तैयार करने, मध्याह्न भोजन की निगरानी करने और दूसरी प्रशासनिक व्यवस्थाएं भी देखनी पड़ रही हैं। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, एक अन्य शिक्षक ने 19 दिसंबर 2025 को योगदान दिया था, लेकिन 11 फरवरी 2026 से उन्हें जनगणना कार्य के लिए रामगढ़ प्रखंड कार्यालय में प्रतिनियुक्त कर दिया गया।
मध्याह्न भोजन की व्यवस्था भी कर्मचारियों की कमी से प्रभावित है। विद्यालय में अभी एक ही रसोइया भोजन तैयार कर रही हैं। दूसरी रसोइया की करीब दो वर्ष पहले मृत्यु होने के बाद रिक्त हुआ पद अब तक नहीं भरा गया है। बड़ी संख्या में उपस्थित बच्चों के लिए अकेले भोजन तैयार करने की जिम्मेदारी भी मौजूदा व्यवस्था पर दबाव बढ़ा रही है।
विद्यालय भवन की स्थिति को भी चिंताजनक बताया गया है। भवन धीरे-धीरे जर्जर हो रहा है, फिर भी बच्चों की कक्षाएं यहीं संचालित की जा रही हैं। शिक्षक और रसोइया की कमी के साथ भवन की दशा ने विद्यालय में सुरक्षित और व्यवस्थित शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने की चुनौती बढ़ा दी है।
यह विद्यालय पहले बेहतर पढ़ाई और प्रबंधन के लिए जाना जाता था तथा तत्कालीन प्रभारी प्रधानाध्यापक को कई बार सम्मानित भी किया गया था। समय के साथ शिक्षकों की संख्या घटती गई। प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी ने रामगढ़ प्रखंड के अधिकांश विद्यालयों में शिक्षकों की कमी होने और रनदोई के दूसरे शिक्षक को जनगणना कार्य में लगाए जाने की पुष्टि की है।