दुमका के रामगढ़ में लगातार बारिश से मकई और सब्जी की फसलों को नुकसान

रामगढ़ प्रखंड में तीन दिनों से हो रही बारिश के कारण खेतों में पानी और अत्यधिक नमी बनी हुई है। किसानों के अनुसार मकई व सब्जियों में सड़न और कीट प्रकोप बढ़ने से लागत निकालना कठिन हो सकता है।

2 मिनट पढ़ें 6 बार पढ़ी गई
दुमका के रामगढ़ प्रखंड में बारिश से प्रभावित मकई और सब्जियों का खेत

दुमका जिले के रामगढ़ प्रखंड में पिछले तीन दिनों से जारी बारिश ने खेती पर प्रतिकूल असर डाला है। खेतों में पानी जमा होने और मिट्टी में लगातार नमी बने रहने से मकई के साथ कई सब्जी फसलें खराब होने लगी हैं। प्रभावित किसान उत्पादन घटने और आर्थिक नुकसान होने की आशंका जता रहे हैं।

स्थानीय किसानों के मुताबिक बैंगन, गोभी, टमाटर और मिर्च के पौधों की जड़ों के आसपास पानी ठहरने से सड़न बढ़ रही है। कुछ खेतों में पौधे गलने की स्थिति में पहुंच गए हैं। मकई की फसल में कीट लगने की शिकायत भी सामने आई है, जिससे तैयार हो रही उपज पर अतिरिक्त खतरा बना हुआ है।

बड़ी रणबहियार पंचायत के पिंडारी गांव के किसान दशरथ मांझी और गोवर्धन मांझी तथा भालसुमर गांव के गिरधारी मांझी समेत अन्य किसानों ने फसलों को नुकसान पहुंचने की बात कही है। उनका कहना है कि लंबे समय तक खेतों में पानी और नमी रहने से पौधों की स्थिति लगातार बिगड़ रही है।

किसानों ने इन फसलों को तैयार करने के लिए बीज, खाद, दवा और मजदूरी पर पहले ही खर्च किया है। उनका कहना है कि यदि बारिश के कारण उपज बड़े स्तर पर प्रभावित होती है तो खेती में लगाई गई रकम निकालना भी मुश्किल हो जाएगा। इससे अच्छी पैदावार और आमदनी की उनकी उम्मीदों को झटका लगा है।

रामगढ़ के कई परिवारों की आय में सब्जी की खेती की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में खेतों में लगी हरी सब्जियों और मकई को हुआ नुकसान केवल मौजूदा फसल तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि इससे संबंधित परिवारों की घरेलू आर्थिक स्थिति भी प्रभावित होने की आशंका है।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी में नुकसान का कोई आधिकारिक आकलन या कुल प्रभावित रकबा नहीं बताया गया है। किसानों की चिंता मुख्य रूप से खेतों में जलभराव, जड़ों की सड़न और मकई में कीट प्रकोप को लेकर है। बारिश जारी रहने की स्थिति में फसलों पर असर और बढ़ने का अंदेशा जताया गया है।