दुमका में छात्रों ने बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर प्रशासन के सामने सात दिन का अल्टीमेटम रखा है। रिपोर्ट के अनुसार, छात्रों ने जर्जर भवन, गंदे पानी और शौचालय की अपर्याप्त व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई है।
मामले में सबसे प्रमुख चिंता भवन की स्थिति को लेकर बताई गई है। छात्रों का कहना है कि पढ़ाई का माहौल ऐसे परिसर में प्रभावित होता है, जहां भवन जर्जर हालत में हो और रोजमर्रा की सुविधाएं ठीक से उपलब्ध न हों।
रिपोर्ट में पानी की गुणवत्ता को भी मुद्दा बताया गया है। गंदे पानी की शिकायत सीधे तौर पर छात्रों के स्वास्थ्य और परिसर की स्वच्छता से जुड़ी है। छात्र इसी वजह से प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
शौचालय की व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, करीब 150 छात्रों पर सिर्फ दो शौचालय हैं। छात्रों ने इसे अपर्याप्त बताते हुए समस्या के समाधान के लिए समयसीमा तय करने की मांग की है।
छात्रों की ओर से प्रशासन को सात दिन का अल्टीमेटम दिए जाने के बाद अब नजर इस पर रहेगी कि संबंधित स्तर पर सुविधाओं की जांच और सुधार की दिशा में क्या कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में किसी कार्रवाई या निर्णय का विवरण नहीं दिया गया है।