दुर्गापूजा पर देवघर में 10 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की जरूरत, विशेष टीमें रहेंगी अलर्ट

देवघर के करीब 100 पूजा पंडालों में रोशनी और विद्युत सज्जा के कारण बिजली की मांग बढ़ने का अनुमान है। विभाग ने निर्बाध आपूर्ति के लिए लोड प्रबंधन और तकनीकी तैयारियां तेज की हैं।

2 मिनट पढ़ें 3 बार पढ़ी गई
दुर्गापूजा के लिए देवघर में बिजली आपूर्ति की तैयारी करते विद्युत विभाग के कर्मचारी

देवघर में दुर्गापूजा के दौरान बिजली की बढ़ती मांग को संभालने के लिए विद्युत विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। विभागीय आकलन के मुताबिक, पूजा पंडालों की सजावट, तोरण द्वारों पर रोशनी और श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही के कारण सामान्य दिनों की तुलना में करीब 10 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की आवश्यकता हो सकती है।

शहर में छोटे-बड़े करीब 100 पूजा पंडालों में दुर्गापूजा का आयोजन हो रहा है। इन पंडालों में विद्युत सज्जा, झालरों और प्रवेश द्वारों पर प्रकाश की व्यवस्था की जानी है। इसे देखते हुए विद्युत अंचल के सहयोग से विद्युत प्रमंडल, देवघर ने लोड प्रबंधन की योजना तैयार की है।

पूजा से पहले विभागीय टीमों ने शहर के विभिन्न पंडालों का भ्रमण कर वहां संभावित अतिरिक्त खपत का आकलन किया है। इसी आधार पर आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त रखने और बढ़े हुए लोड को संभालने की तैयारी की जा रही है। अतिरिक्त बिजली की जरूरत को लेकर ट्रांसमिशन विभाग के अधिकारियों से भी बातचीत की गई है।

तकनीकी बाधाओं की आशंका कम करने के लिए ट्रांसफार्मरों की मरम्मत, जर्जर तारों को बदलने और सब-स्टेशनों के रखरखाव का काम कराया गया है। विभाग का जोर इस बात पर है कि पूजा के दौरान खराबी के कारण पंडालों और आसपास के इलाकों की बिजली आपूर्ति प्रभावित न हो।

किसी तकनीकी समस्या से तत्काल निपटने के लिए विशेष टीमों का गठन भी किया गया है। ये टीमें चौबीसों घंटे अलर्ट रहेंगी और खराबी सामने आने पर आवश्यक कार्रवाई करेंगी। व्यवस्था का उद्देश्य त्योहार के दौरान बढ़े हुए विद्युत भार के बीच आपूर्ति को लगातार बनाए रखना है।

विद्युत अधीक्षण अभियंता प्रवीण उरांव के अनुसार, पंडालों में होने वाली रोशनी की व्यापक व्यवस्था को ध्यान में रखकर अतिरिक्त मांग का अनुमान लगाया गया है। विभाग ने पूजा शुरू होने से पहले आवश्यक रखरखाव और समन्वय पर ध्यान केंद्रित किया है, ताकि आयोजन स्थलों के साथ शहर की नियमित बिजली व्यवस्था भी सुचारु रह सके।