दुर्गा पूजा पर गोड्डा में नियंत्रण कक्ष सक्रिय, हर दो घंटे में मांगी गई रिपोर्ट

गोड्डा जिला प्रशासन ने दुर्गा पूजा और दशहरा के दौरान सुरक्षा तथा विधि-व्यवस्था की निगरानी के लिए समाहरणालय परिसर में नियंत्रण कक्ष सक्रिय किया है। अधिकारियों को हर दो घंटे में स्थिति रिपोर्ट देनी होगी।

2 मिनट पढ़ें 3 बार पढ़ी गई
दुर्गा पूजा के दौरान गोड्डा में सुरक्षा निगरानी के लिए सक्रिय जिला नियंत्रण कक्ष

गोड्डा जिला प्रशासन ने दुर्गा पूजा और दशहरा-2026 के दौरान शांति, सुरक्षा और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। समाहरणालय परिसर में जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जो 18 से 22 अक्टूबर तक सक्रिय रहेगा। यहां से जिले की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी।

जिलाधिकारी लोकेश मिश्रा ने नियंत्रण कक्ष में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों और संबंधित पदाधिकारियों को निर्धारित समय पर उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। नियंत्रण कक्ष जिले के अलग-अलग हिस्सों से मिलने वाली विधि-व्यवस्था संबंधी सूचनाओं को संकलित करेगा और जरूरत के अनुसार अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करेगा।

प्रशासनिक आदेश के अनुसार, संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी प्रत्येक दो घंटे के अंतराल पर गोड्डा जिला नियंत्रण कक्ष को खैरियत प्रतिवेदन उपलब्ध कराएंगे। दोनों अधिकारी संयुक्त रूप से भी रिपोर्ट देंगे। इसकी लिखित प्रति जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के गोपनीय कार्यालयों में समय पर पहुंचाने का निर्देश है।

पूजा अवधि में नियंत्रण कक्ष को लगातार संचालित रखने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों की तीन समूहों या शिफ्टों में प्रतिनियुक्ति की गई है। इस व्यवस्था का उद्देश्य सामान्य निगरानी के साथ किसी आकस्मिक परिस्थिति में तेजी से सूचना साझा करना और प्रभावी प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

आम लोगों के लिए जिला नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नंबर 06422-222202 निर्धारित किया गया है। प्रशासन ने जिला, अनुमंडल, अग्निशमन, प्रखंड और अंचल स्तर के संबंधित अधिकारियों के संपर्क नंबर भी जारी किए हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर सूचना संबंधित अधिकारी तक पहुंचाई जा सके।

जिला प्रशासन की यह व्यवस्था दुर्गा पूजा और दशहरा के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों से मिलने वाली सूचनाओं को एक केंद्र पर जुटाने पर आधारित है। नियमित रिपोर्टिंग, अधिकारियों की पालीवार तैनाती और नियंत्रण कक्ष के माध्यम से समन्वय कर जिले में त्योहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जाएगी।