पश्चिमी सिंहभूम जिले में दुर्गा पूजा के दौरान सुरक्षा और विधि-व्यवस्था की निगरानी के लिए जिला स्तरीय कंट्रोल रूम को सक्रिय रखा गया है। उपायुक्त मनीष कुमार ने चाईबासा स्थित नियंत्रण कक्ष पहुंचकर वहां की कार्यप्रणाली और जिले के विभिन्न क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कंट्रोल रूम में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों से अलग-अलग इलाकों की जानकारी ली। उन्होंने पूजा पंडालों के साथ अन्य प्रमुख स्थलों पर सुरक्षा और विधि-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति के बारे में भी अधिकारियों से विवरण प्राप्त किया।
उपायुक्त ने नियंत्रण कक्ष में तैनात दंडाधिकारियों को क्षेत्र में पदस्थापित अधिकारियों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर से लगातार सूचनाएं प्राप्त करना और किसी संभावित समस्या की समय रहते पहचान करना है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कदम उठाए जा सकें।
उन्होंने कहा कि कंट्रोल रूम तक पहुंचने वाली सूचनाओं पर तेजी से संज्ञान लिया जाए। संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर जरूरी कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा सूचना के आदान-प्रदान में अनावश्यक देरी नहीं होने देने पर भी जोर दिया गया।
प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों को पूरी सतर्कता, तत्परता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्व निभाने के निर्देश दिए गए हैं। समीक्षा में यह भी रेखांकित किया गया कि प्रभावी निगरानी के लिए नियंत्रण कक्ष और क्षेत्र में तैनात अधिकारियों के बीच निरंतर संवाद जरूरी है।
जिला प्रशासन ने दुर्गा पूजा के दौरान शांति, सौहार्द और सुरक्षित वातावरण बनाए रखने को अपनी प्राथमिकता बताया है। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि विभिन्न स्थानों से मिलने वाली जानकारी तुरंत साझा हो और सभी संबंधित पदाधिकारी आपसी समन्वय के साथ स्थिति पर नजर रखें।