देवघर में यूपी पुलिस बनकर चार युवकों को अगवा करने का आरोप, एक गिरफ्तार

रिखिया थाना क्षेत्र में चार युवकों को पुलिसकर्मी बनकर अगवा करने, पांच हजार रुपये वसूलने और फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने युवकों को छुड़ाया और पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया।

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देवघर के रिखिया थाना क्षेत्र में चार युवकों के कथित अपहरण की जांच करती पुलिस

देवघर जिले के रिखिया थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश पुलिस का जवान बताकर चार युवकों को अगवा करने और उनसे रुपये वसूलने का मामला सामने आया है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर वारदात में इस्तेमाल बोलेरो जब्त कर ली है। अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।

जानकारी के अनुसार, बिहार के जमुई जिले के रंगा गांव निवासी आनंद कुमार और अभिषेक कुमार तथा देवघर के चिरुडीह गांव निवासी शेखर कुमार और धनंजय कुमार दुर्गापूजा के लिए कपड़े खरीदने देवघर आए थे। खरीदारी के बाद मॉल से बाहर निकलते समय बोलेरो सवार लोगों ने उन्हें रोका और खुद को यूपी पुलिस का जवान बताया।

आरोप है कि चारों युवकों को थाने ले जाने की बात कहकर वाहन में बैठाया गया। इसके बाद आरोपी उन्हें ताराबाद और मलहारा के रास्ते आमगाछी तथा डुमरथर गांव की सीमा के पास एक सुनसान स्थान पर ले गए। वहां युवकों के साथ मारपीट की गई और उनसे पांच हजार रुपये ऑनलाइन हस्तांतरित कराए गए।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपियों ने युवकों के परिजनों से 50 हजार रुपये की फिरौती भी मांगी। इसी बीच स्थानीय लोगों ने दो युवकों को पहचान लिया। घटना की सूचना फैलने पर आसपास के लगभग चार गांवों के बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और चारों युवकों को मुक्त कराया।

ग्रामीणों ने एक आरोपी को पकड़ लिया और बोलेरो में तोड़फोड़ की। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को भीड़ से निकालकर हिरासत में लिया तथा वाहन जब्त कर लिया। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान दीपक झा के रूप में बताई गई है। मामले में पीड़ितों की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही थी।

देवघर के पुलिस अधीक्षक के अनुसार, घटना में इस्तेमाल वाहन पर जैप-9 के एक पूर्व पदाधिकारी की फर्जी नेम प्लेट लगी थी। पुलिस का कहना है कि बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है और जांच पूरी होने के बाद गिरोह तथा वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा किया जाएगा।