धनबाद के अस्पताल में सुकुमारा कुरूप के दशकों पुराने इलाज के रिकॉर्ड तलाश रही केरल पुलिस

चाको हत्याकांड में जनवरी 1984 से फरार सुकुमारा कुरूप के पुराने चिकित्सकीय रिकॉर्ड की तलाश में केरल क्राइम ब्रांच की टीम धनबाद के एसएनएमएमसीएच पहुंची।

2 मिनट पढ़ें 2 बार पढ़ी गई
झारखंड24 का पूर्ण लोगो—प्रकाशक की लोगो-मात्र छवि के स्थान पर

केरल के चर्चित चाको हत्याकांड के मुख्य आरोपी और जनवरी 1984 से फरार सुकुमारा कुरूप की खोज झारखंड के अस्पतालों तक पहुंच गई है। केरल क्राइम ब्रांच की टीम धनबाद स्थित शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंची और अधिकारियों से दशकों पुराने चिकित्सकीय रिकॉर्ड तलाशने का अनुरोध किया।

टीम ने अस्पताल अधीक्षक डॉ. डीके गिंदोरिया से मुलाकात की। जांच अधिकारी पीसी जोशी या पीएस जोशी नाम से इलाज कराने वाले मरीज से संबंधित पुरानी प्रविष्टियां खोज रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कुरूप ने हृदय रोग का उपचार कराने के लिए इन नामों का इस्तेमाल किया था।

कुरूप पर जनवरी 1984 में केरल के अलप्पुझा जिले में चाको की हत्या में शामिल होने का आरोप है। आरोप है कि बीमा की लगभग आठ लाख रुपये की रकम हासिल करने के उद्देश्य से चाको की हत्या के बाद शव जलाया गया और उसकी पहचान कुरूप के रूप में कराने की कोशिश हुई। मामले में कुरूप के कुछ सहयोगी पकड़े गए थे, लेकिन वह फरार रहा।

जांच में झारखंड से जुड़े पुराने संकेत भी खंगाले जा रहे हैं। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, 1989 में बोकारो के एक अस्पताल में कुरूप जैसा दिखने वाला व्यक्ति हृदय संबंधी इलाज के लिए पहुंचा था। वहां कार्यरत उसके गांव की एक नर्स ने कथित रूप से उसे पहचान लिया था, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले वह गायब हो गया।

इसके बाद रांची और धनबाद में भी उसके इलाज कराने की सूचनाएं सामने आती रहीं। इन्हीं पुराने सुरागों को जोड़ने के लिए क्राइम ब्रांच धनबाद के साथ बोकारो और रांची के अस्पतालों के रिकॉर्ड देख रही है। कुरूप की गिरफ्तारी या मृत्यु की आधिकारिक पुष्टि नहीं होने के कारण पुराना चिकित्सकीय रिकॉर्ड जांच के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हालांकि, चार दशक पुराने दस्तावेज ढूंढना अस्पताल प्रशासन के लिए कठिन है। उस दौर में डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं थे और अस्पताल भी कई बार स्थानांतरित हुआ है। अधीक्षक के अनुसार, निश्चित तारीख के अभाव में खोज और जटिल हो जाती है, फिर भी मांगे गए नामों से संबंधित रिकॉर्ड तलाशने का प्रयास किया जा रहा है।