धनबाद जिले के निचितपुर क्षेत्र में दो पुराने मित्रों का एक ही दिन निधन हो गया। रेंगुनी बस्ती निवासी 89 वर्षीय धीरेन दत्ता और बड़की बौआ गांव निवासी 71 वर्षीय पशुपति महतो ने रविवार को अपने-अपने घर में अंतिम सांस ली। दोनों का अंतिम संस्कार सोमवार को लिलौरी स्थान स्थित मुक्तिधाम में एक साथ किया गया।
धीरेन दत्ता और पशुपति महतो लंबे समय तक बीसीसीएल के कुसुंडा क्षेत्र की ईस्ट बसुरिया कोलियरी में कार्यरत रहे थे। नौकरी के दौरान बनी उनकी मित्रता सेवानिवृत्ति के बाद भी कायम रही। दोनों अलग-अलग वर्षों में सेवा से सेवानिवृत्त हुए थे, लेकिन उनका आपसी संपर्क और जुड़ाव बना रहा।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दोनों कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। रविवार को उनका निधन अलग-अलग घरों में हुआ। एक ही दिन हुई इन दो मौतों की सूचना मिलने के बाद दोनों परिवारों और उन्हें जानने वाले लोगों में शोक का माहौल बन गया।
सोमवार को दोनों की अंतिम यात्रा लिलौरी स्थान के मुक्तिधाम पहुंची। वहां उनका अंतिम संस्कार साथ किया गया। एक ही कार्यस्थल पर वर्षों तक नौकरी करने, लंबे समय तक मित्रता निभाने और फिर एक ही दिन विदा होने के इस संयोग की निचितपुर तथा आसपास के इलाके में चर्चा रही।
स्थानीय लोगों के अनुसार, धीरेन दत्ता और पशुपति महतो के बीच गहरी मित्रता थी और वे जीवन के सुख-दुख में एक-दूसरे के साथ रहे। उन्हें जानने वाले लोग दोनों के पुराने संबंधों को याद कर रहे हैं। दोनों की एक साथ हुई अंतिम विदाई ने उनके परिवारों के साथ ही पूर्व सहकर्मियों और स्थानीय निवासियों को भी भावुक कर दिया।