धनबाद के वासेपुर में वर्ष 2004 में फहीम खान पर हुए जानलेवा हमले के मामले में अदालत ने तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय पारस कुमार सिन्हा की अदालत ने दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
मामला 29 जनवरी 2004 की रात का है। वासेपुर के कमर मखदूमी रोड इलाके में फहीम खान को निशाना बनाकर गोलीबारी की गई थी। रिपोर्टों में बताया गया है कि हमले में एके-47 समेत अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल हुआ था। अचानक हुई गोलीबारी के बीच फहीम खान पड़ोसी की छत की ओर कूदकर अपनी जान बचाने में सफल रहे थे।
घटना के बाद पुलिस ने मौके से एके-47 की मैगजीन, दूसरे हथियार और गोलियां बरामद करने की बात कही थी। मामले में दर्ज प्राथमिकी में कुल 12 लोगों को आरोपी बनाया गया था। सुनवाई के दौरान फहीम खान, उनके भाई शेर खान और घटना से जुड़े अन्य लोगों की गवाही अदालत में दर्ज हुई।
अदालती प्रक्रिया करीब दो दशक तक चली। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, तीन आरोपियों की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है। कुछ अन्य आरोपियों को फरार घोषित कर उनके विरुद्ध अलग प्रक्रिया चलाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। अदालत ने 28 सितंबर को तीन आरोपियों को दोषी ठहराया था और सजा पर सुनवाई के लिए तीन अक्टूबर की तारीख तय की थी।
शनिवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद तीनों दोषियों को आजीवन कारावास दिया गया। यह फैसला धनबाद के लंबे समय से लंबित और चर्चित आपराधिक मामलों में आया है। आदेश के साथ अदालत ने आर्थिक दंड भी निर्धारित किया है। उपलब्ध रिपोर्टों में फैसले के विरुद्ध आगे किसी कानूनी कदम की जानकारी नहीं दी गई है।