धनबाद समाहरणालय में आयोजित जनता दरबार में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से आए लोगों की शिकायतें सुनीं। वह करीब एक घंटे तक खड़े रहे और फरियादियों को बैठाकर उनके आवेदन देखे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जनसमस्याओं पर शीघ्र कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
सुनवाई के दौरान अबुआ आवास और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ, जमीन विवाद, पेंशन, प्रमाणपत्र जारी करने तथा मुआवजा भुगतान से जुड़े आवेदन सामने आए। लोगों ने होमगार्ड चयन, विद्यालय में नामांकन, राशन कार्ड, विधवा एवं वृद्धा पेंशन के साथ तालाब और शौचालय निर्माण से संबंधित समस्याएं भी रखीं।
जनता दरबार में बीएमपी कुष्ठ कॉलोनी निवासी बुजुर्ग बहादुर राय ने बताया कि उन्हें दो महीने से राशन नहीं मिला था। राशन डीलर की ओर से फिंगरप्रिंट का मिलान नहीं होने को इसकी वजह बताया गया था। राय ने अपनी आर्थिक स्थिति और बीमारियों का उल्लेख करते हुए प्रशासन से सहायता मांगी।
उपायुक्त ने शिकायत पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी को तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया। इसके बाद आपूर्ति विभाग ने तकनीकी समस्या दूर करने की प्रक्रिया शुरू की और बुजुर्ग को राशन उपलब्ध कराया गया। लंबे समय से अनाज के लिए परेशान राय को इस कार्रवाई से राहत मिली।
कई अन्य आवेदनों का भी मौके पर निपटारा किया गया। जिन मामलों में तत्काल समाधान संभव नहीं था, उन्हें संबंधित पदाधिकारियों के पास कार्रवाई के लिए भेजा गया। उपायुक्त ने लंबित आवेदनों का यथाशीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने और शिकायतों को गंभीरता से लेने को कहा।
प्रशासन ने विशेष रूप से बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और असहाय लोगों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता बरतने पर जोर दिया। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि पात्र लाभार्थी सरकारी योजनाओं और अपने अधिकारों से वंचित न रहें तथा सेवाओं के लिए उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।